बालाघाट

कोरोना रिटर्न : साल बदला पर मंजर नहीं बदला, कहीं lock-down ना लग जाए इसलिए मजदूरों की होने लगी घर वापसी

बालाघाट- कोरोना लॉकडाउन को 1 बरस बीत गया है आज से लगभग 1 साल पहले केंद्र की सरकार ने जनता कर्फ्यू और फिर कोरोना लॉकडाउन की घोषणा की थी इन 1 बरस में यदि कुछ बदला है तो केवल साल बदला है महीना वही है और कोरोना फिर से रिटर्न हो चुका है प्रदेश सहित सीमावर्ती राज्य महाराष्ट्र में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए एक बार फिर से शासन प्रशासन सक्रिय हो गया है।

जिले में जहां कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रशासन के द्वारा “मेरा माक्स,मेरी सुरक्षा” अभियान चलाया जा रहा है तो वही महाराष्ट्र से आने जाने वाले वाहनों पर रोक लगा दी गई है इसी बीच रजेगांव गोंदिया महाराष्ट्र राज्य सीमा पर फिर से वही की तस्वीरें सामने आ रही है जहां लॉकडाउन में ढीलाई के बाद जिले के विभिन्न क्षेत्र से रोजी रोटी के लिए महानगरों में काम करने गए लोग डर के साए में वापस लौटते हुए दिखाई दे रहे हैं राजेगांव बॉर्डर पर ऐसी तस्वीरें बीते 3 दिनों से लगातार सामने आ रही है।

वही बाहर कमाने गए मजदूरों को फिर से लॉकडाउन ना लग जाए और कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए वे अपने घर की ओर कूच करने लगे हैं वह अपने मासूम बच्चों को गोद में लिए तो वही अपने बैगो को कहीं कांधे पर लटकाए तो कहीं सिर में रख कर के घर वापसी की ओर दिख रहे हैं। आपको बता दूं कि 3 दिनों पहले महाराष्ट्र से आने वाले बसों पर रोक लगा दी गई है जिससे बाहर कमाने का मजदूर ट्रेन के माध्यम से गोंदिया तक आ रहे हैं और वहां से एक मोटी रकम देकर के चार पहिया वाहनों से महाराष्ट्र बॉर्डर पर उतर कर लगभग 3 से 4 किलोमीटर पैदल चलकर मध्य प्रदेश की सीमा पर आ रहे हैं। राजेगांव सीमा पर आने वाले मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है सोशल डिस्टेंसिंग में रहने की सलाह दी जा रही है।

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