रायसेन

CM Shivraj इस पेड़ के देख-रेख में खर्च करते है 15 लाख रुपए,15 दिन में होता है मेडिकल टेस्ट,24 घंटे पुलिस करती है पहरा !

अभी तक आपने सुना है कि आर्मी के जवान देश की रक्षा के लिए रात दिन ठंड में,तपती गर्मी में व बारिश के दिनों में भी हमेशा देश की सेवा करते हैं। इसके अलावा देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या फिर बड़े सेलिब्रिटीयों है तो उसको सिक्योरिटी दी जाती है कि उसको किसी भी तरह का खतरा ना हो लेकिन दोस्तों मध्यप्रदेश में एक ऐसा पेड़ हैं जिसको VIP सुविधा दी गई है जहां पर सप्ताह के 7 दिन 24 घंटे पुलिस सिक्योरिटी रहती है और उस पेड़ की सुरक्षा जिला कलेक्टर की निगरानी में होती है तो आइए जानते हैं इस पेड़ की क्या विशेषता है इसको इतनी ज्यादा सिक्योरिटी देने के पीछे क्या वजह है।

आपको सुनकर ये आश्चर्य होगा कि सीएम शिवराज सिंह चौहान एक पेड़ को वीआईपी ट्रीटमेंट देते हैं। पेड़ के देख-रेख में सालाना करीब 15 लाख रुपए खर्च आता हैं। पेड़ के रखरखाव हर 15 दिन में डॉक्टर मेडिकल चेकअप करते हैं कि कहीं पर बीमार ना हो जाए। कृषि अधिकारी पेड़ को आवश्यकता अनुसार पानी और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करते हैं। इस पेड़ के सुरक्षा के लिए हफ्ते के सातो दिन 24 घंटे दो गार्ड मौजूद रहते हैं। यह पेड़ मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सलामतपुर में स्थित है। पेड़ का नाम बोधिवृक्ष है। कहते हैं कि यह उसी बोधिवृक्ष की टहनी है जिसके नीचे गौतम बुद्ध को मोक्ष प्राप्त हुआ था। इस पेड़ के नजदीक परिंदे भी पर नहीं मार सकते।

बता दें कि ये पेड़ मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और विदिशा के बीचो बीच सलामतपुर की पहाड़ी पर लगाया गया है। साल 2012 में श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे ने सांची में बौद्ध यूनिवर्सिटी की पहाड़ी पर स्थित बौद्ध वृक्ष को लगाया था। इस दौरान सीएम शिवराज सिंह भी मौजूद थे। यह पेड़ विश्व की धरोहर है और इसका इंसानों की तरह ट्रीटमेंट किया जाता है पेड़ को इंजेक्शन और ड्रिप के जरिए ट्रीटमेंट करते हैं।

पेड़ का धार्मिक मान्यता

इस पेड़ को लेकर पौराणिक वह धार्मिक मान्यता है कि पेड़ के नीचे भगवान बुद्ध को वैशाख पूर्णिमा के दिन उन्हें बोधगया में बौद्ध वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था साथ ही सम्राट अशोक शांति की खोज की प्रेरणा इसी पेड़ के नीचे मिली थी।

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने लगाया था पेड़

रायसेन के सलामतपुर में स्थित इस पेड़ को बोधि वृक्ष कहा जाता है। 21 सितंबर, 2012 को श्रीलंका के तत्‍कालीन राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे और भूटान के तत्कालीन प्रधानमंत्री जिग्मी योजर थिंगले ने पौधे के रूप में लगाया था। अब यह पौधा विशाल वृक्ष के रूप में हो गया है। बताया जा रहा है कि स्टैंड के पीछे शिवराज सिंह सरकार हर साल करीब 14-15 लाख रुपए खर्चा करती है

चौबीस घंटे पुलिस का रहता है पहरा

बोधि वृक्ष की सुरक्षा के लिए इसके चारों ओर 15 फीट ऊंची जालियां लगाई गई हैं। दिन और रात में इसकी सुरक्षा में लगातार दो गार्ड खड़े रहते हैं। पेड़ का एक पत्ता गिरने पर भी अधिकारियों का अमला यहां पहुंच जाता है। इसके रखरखाव की जिम्मेदारी सांची नगर परिषद, पुलिस, राजस्व और उद्यानिकी विभाग की है।

सालाना 15 लाख खर्च

बोधिवृक्ष के इस पेड़ की सुरक्षा के लिए 15 फीट ऊंची जालियां लगाई गई हैं दिन-रात इसकी सुरक्षा में लगातार दो गार्ड पहरा करते हैं पेड़ का एक पत्ता गिर जाए तो अधिकारियों का यहां पूरा अम्ल पहुंच जाता है इस की रखवाली की जिम्मेदारी सांची नगर परिषद पुलिस राजस और उद्यानिकी विभाग की है पेड़ कभी बीमार ना हो इसके लिए हर 15 दिन में मेडिकल चेकअप होता है।

दूर-दूर से आते हैं सैलानी

राजस्थान की सांची में बौद्ध यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है यूनिवर्सिटी की पहाड़ी पर यह बौद्ध वृक्ष लगाया गया है हलांकि यह राजधानी भोपाल से इसकी दूरी करीब 50 किलोमीटर है जबकि इंदौर से यहां पहुंचना आसान है। इस पेड़ को देखने के लिए न केवल मध्य प्रदेश के लोग बल्कि देश विदेश के लोग भी साल भर पहुंचते हैं और इस पेड़ की पौराणिक कथा को बड़ी रुचि से जानने की उत्सुकता रखते हैं।

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