दतिया

भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र सुर्खियों में, कोरोना का टीका लगाने के बाद गर्भवती महिला की मौत,CMHO ने कहा गलत है

दतिया। आए दिन अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में रहने वाला भांडेर स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर सुर्खियों में है इस बार एक गर्भवती महिला को कोरोना का टीका लगाए जाने के बाद मौत होने के चलते सुर्खियों में है गर्भवती महिला के परिजनों का आरोप है कि जब महिला अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने आई थी उस दौरान स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्टॉफ फोर्सली दबाव डालकर महिला को कोरोना का टीका लगा दिया। महिला जब घर पहुंचे उसके दूसरे दिन से उसकी तबियत बिगड़ने लगी जहां परिजनों ने इलाज के लिए उसे स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।

बता दें कि मध्य प्रदेश के दतिया जिले की तहसील भांडेर विधानसभा क्षेत्र में भांडेर तहसील के ग्राम वैरज में एक गर्भवती महिला को विगत 30 सितंबर को गर्भवती महिला को लगने वाला वैक्सीनेशन के लिए वह आई थी इस पर नर्स ने उसे पहले कोरोना का टीका लगवाने की सलाह दी और मना करने के बाद भी उसे कोरोना का टीका लगाया गया इससे बुधवार की रात्रि को उसकी मौत हो गई परिवार वालों का आरोप है कि कोरोना वेक्सीन लगाने के कारण ऐसा हुआ है जबकि सीएमएचओ का कहा है कि ऐसा कुछ भी नहीं है।

मिली जानकारी के अनुसार रिंकी रजक पति विनोद रजक 24 नी. ग्राम वैरज जो कि 8 माह की गर्भवती महिला है 30 सितम्बर को पति के साथ भांडेर टिका लगवाने पहुँची तो स्टाफ नर्स ने कोरोना का पहला दोज लगा दिया। ओर घर बापस भेज दिया घर पहुँच ते ही अगले दिन महिला को खाँसी, हाफनी, हाथ पैर में दर्द होने लगा। जिस से महिला के परिजन घबड़ाये ओर महिला को बापस अस्पताल लेकर पहुचे जहां डॉक्टरों ने महिला का इलाज किया और वापस घर भेज दिया कुछ दिन बीते ही थे कि महिलाओं को वापस से वही समस्या होने लगी और इस बार तबीयत ज्यादा ही बिगड़ गई परिजन अफरा तफरी में दतिया लेकर पहुंचे जहां महिला का जिला अस्पताल में इलाज कराया और महिला की हालत में सुधार हुआ और वापस घर ले पहुंचे कल 13 अक्टूबर को महिला की तबीयत अचानक बिगड़ी और अफरातफरी में परिजन वापस जिला अस्पताल ले आए जिला अस्पताल में रात में ही उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई।

पति ने लगाए आरोप महिला के पति विनोद रजक ने भांडेर अस्पताल के स्टॉप पर लापरवाही का आरोप लगाया है और बताया कि हम 30 सितंबर को अपनी पत्नी को गर्भवती का टीका लगवाने पहुँचे थे जहां स्टाफ नर्सों ने गर्भवती का टीका नहीं लगाया और कहा कि पहले कोरोना का टीका लगेगा मना करने के बावजूद भी स्टाफ नर्सों ने जबरन कोरोना का पहला डोज लगा दिया और कहा कि कुछ दिन बाद वापस आना और गर्भवती का टीका लगवा लेना पत्नी को घर लेकर पहुंचे ही थे कि अगले दिन तबीयत बिगड़ी और वापस से अस्पताल ले आए जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान कहा कि कोई समस्या नहीं है यह तो पहले डोज़ में होता ही है। तो वापस घर ले आए कुछ दिन ठीक रहा लेकिन 10 सितंबर को तबीयत अचानक बिगड़ी और दतिया ले आये जहां इलाज के दौरान थोड़ा बहुत आराम हुआ और वापस गांव ले पहुंचे कल वापस तबीयत बिगड़ी और गांव से घर लाए तभी अस्पताल में पहुंचते ही इलाज के दौरान मौत हो गई। साथ ही परिजनों ने पोस्टमार्टम की भी मांग की है।


इस संबंध में सीएमएचओ राकेश कुरेले से बात की कोरोना के टीके से किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं है प्रदेश में 155000 गर्भवती महिलाओं को टीका लग चुका है तो वही दतिया जिले में भी 6000 महिलाओं को टीका लग चुका है। अगर कोरोना वेक्सीन से नुकसान होता तो ऐसे मामले पहले भी आते। इसकी जांच करा रहे हैं अस्पताल के द्वारा महिला का पोस्टमार्टम किया जा रहा है ऐसा कुछ पाया जाता है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

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