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शत्रु भी टेक देगा घुटना,बस शाम को करें ये छोटा सा टोटका

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि शनिदेव के प्रकोप से बचने और उनकी कृपा पाने के लिए शनिवार का दिन श्रेष्ठ माना गया है. इस दिन किए गए उपायों से शनि के दोष को शांत किया जा सकता है.

मान्यता के अनुसार शनिदेव ही मनुष्य को उसके अच्छे और बुरे कर्मों का फल देते हैं। शत्रुओं को परास्त करने के लिए शुभ कर्म करने के साथ-साथ शनिदेव को प्रसन्न रखना बहुत जरूरी है। कहा जाता है कि जिस व्यक्ति पर शनि की कृपा होती है उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। आइए जानते हैं शनिदेव किन विशेष टोटकों को करने से प्रसन्न होते हैं।शनिदेव का नाम आते ही मन में तमाम सवाल उठने लगते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि शनि को न्याय का देवता माना जाता है. शनिदेव ही मनुष्य के शुभ-अशुभ कर्मों का फल प्रदान करते हैं. ऐसे बुरे कर्म करने वालों को शनिदेव के क्रोध का सामना करना पड़ता है, वहीं परोपकारी लोगों पर शनिदेव की कृपा होती है. हालांकि जाने अंजाने लोगों से कई भूल होती हैं, ऐसे में शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए आज हम आपको बता रहे हैं, जिन्हें करने से शारीरिक, मानसिक और आर्थिक सभी तरह के कष्ट दूर हो जाएंगे. ज्योतिषाचार्य ने बताया कि शनिदेव के प्रकोप से बचने और उनकी कृपा पाने के लिए शनिवार का दिन श्रेष्ठ माना गया है. इस दिन किए गए उपायों से शनि के दोष को शांत किया जा सकता है.

शनिवार के दिन शनिदेव के इस मंत्र ‘कोणस्थ पिंगलो बभरू: कृष्ण रौद्रोंताको यम: सौरी: शनिश्चरो मंड: पिप्पलादेन संस्थान:’ का स्मरण करने से व्यक्ति के सभी दोष दूर हो जाते हैं। बता दें, इस मंत्र में अपने आप में शनिदेव के दस नाम हैं।

शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की विधि विधान से पूजा करें। भागवत के अनुसार पीपल भगवान कृष्ण का स्वरुप है। शनि दोष निवारण के लिए लोगों की पूजा करें।

शनिवार के दिन स्नान के बाद स्वच्छ व सफेद वस्त्र धारण करें। पीपल की जड़ में केसर, चंदन, चावल, फूल मिलाकर पवित्र जल चढ़ाएं। तिल के तेल का दीपक जलाएं।

शनिवार से एक दिन पहले यानी शुक्रवार को डेढ़ किलो काले चने को 3 अलग-अलग बर्तनों में भिगो दें। इसके बाद शनिवार को स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनकर शनिदेव की पूजा करें। सरसों के तेल में चने छिड़क कर शनिदेव को भोग लगाकर अपनी समस्या बताएं।

फिर भैंस को पहले 15 किलो चना खिलाएं। दूसरी तिमाही किलो चना कुष्ठरोगियों को बांटें और तीसरी तिमाही किले की मछली को खिलाएं। इस उपाय से शनिदेव का प्रकोप कम होगा और आप अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सक्षम होंगे।
पीपल को जल चढ़ाएं, पूजा करें और सात परिक्रमा करें. किसी निर्धन व्यक्ति को भोजन कराएं, ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और दरिद्रता दूर होती है.

हर शनिवार सुबह-सुबह स्नान आदि कर्मों से निवृत्त होकर तेल का दान करें. इसके लिए एक कटोरी में तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखें, फिर तेल का दान किसी जरूरतमंद व्यक्ति करें.

हनुमानजी को सिंदूर और चमेली का चढ़ाएं. हनुमान चालीसा का पाठ करें. हनुमान बाबा की पूजा करने वाले को शनि प्रताड़ित नहीं करते हैं.

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