सिंगरौली 3 सितम्बर। नगर पालिक निगम सिंगरौली के परिषद की बैठक सभापति देवेश पाण्डेय के अध्यक्षता एवं मेयर रानी अग्रवाल तथा ननि आयुक्त डीके शर्मा के विशेष उपस्थिति में आज दिन मंगलवार को शुरू हुुई। जहां देर शाम तक बैठक हुई। लेकिन 7 लाख के काम के एवज में 38 लाख के भुगतान मामले में मास्टरमाइंड ईई ने पार्षदों का हंगामा देख खेला कर दिया। इसके बाद कमिश्नर ने उपयंत्री को निलंबित करते हुए एसडीओ के सारे प्रभार छीन लिए। जबकि इस घोटाले के मास्टरमाइंड ईई पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। हालांकि अब एमआईसीसी निष्पक्ष काम करेगी तो आई का निलंबन भी तय माना जा रहा है।
बैठक शुरू होते ही पार्षद परमेश्वर पटेल ने वार्ड क्रमांक 32 स्थित शिवाजी काम्प्लेक्स नवजीवन बिहार में पाइप लाइन के कार्य में व्यापक पैमाने पर हेराफेरी किये जाने का आरोप एवं सदन के समक्ष जांच रिपोर्ट करने की मांग को लेकर अड़ गए। जब शोरशराबा नही थमा तो परिषद अध्यक्ष देवेश पाण्डेय ने आधा घंटे तक के लिए बैठक स्थगित करने का एलान कर दिया और कहा कि आधे घंटे बाद नगर निगम आयुक्त शिवाजी काम्प्लेक्स में पाइप लाइन के कार्य में हुई गड़बड़ी की जांच का प्रतिवेदन एवं कार्रवाई प्रस्तुत करें। करीब 1 घंटे बाद बैठक फिर शुरू हुई और आयुक्त ने उक्त मामले की जांच के संबंध में विस्तार से अवगत कराते हुये बताया कि उक्त कार्य का एक बार नही दो बार जांच कराई गई। उक्त कार्य के लिए करीब 38 लाख 33 हजार रूपये का भुगतान जीएसटी सहित किया गया। कार्य में पाइप लाइन सप्लाई एवं बिछाने का काम था। मूल्यांकन करीब 7 लाख 14 हजार रूपये हुआ। संविदाकार एवं उपयंत्री सहित अन्य अधिकारियों ने गड़बड़ी किया। जिन्हें नोटिस देकर जवाब मांगा गया। 8 अधिकारियों में से सिर्फ 2 अधिकारियों ने जवाब दिया था। अन्य अधिकारी व ठेकेदार ने जवाब नही दिया। Singrauli News
लिहाजा जांच उपरांत मिली गड़बड़ी एवं जवाब दो के अलावा अन्य अधिकारियों के न आने के कारण उपयंत्री अनुज सिंह को निलंबित करते हुये सहायक यंत्री पीके सिंह के स्टोर सहित अन्य प्रभार छीन व मुक्तकर आगे कार्रवाई के लिए एमआईसी के पास भेजने का एलान किया। आयुक्त के इस कार्रवाई के बाद मामला ठण्डा पड़ा। लेकिन चर्चा यह भी रही की पाइप लाइन घोटाले की फाइल करीब 3 महीने तक कमिश्नर के पास पड़ी रही। लेकिन ईई व्हीपी उपाध्याय ने ऐसा चक्रव्यूह रचा की कमिश्नर ने भुगतान कर दिया। Singrauli News
इसी बीच पार्षद अखिलेश सिंह ने सिवरेज पाइप लाइन में 5 करोड़ रूपये की घोटाले को लेकर अब तक कार्रवाई न किये जाने को लेकर ननि को घेर लिया। जिसका सही जवाब न मिलने पर ननि अधिकारियों को उक्त मामले में लीपापोती करने का आरोप मढ़ दिया।
सहायक यंत्री का काला कारनामा आया सामने
करीब एक दशक के अधिक समय से नगर निगम में एकतरफा राज करने वाले चर्चित एक सहायक यंत्री को बड़ा झटका लगा है। Singrauli News
दरअसल ननि आयुक्त ने परिषद की बैठक में शिवाजी काम्प्लेक्स के पाइप लाइन संबंधित कार्य का जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किया। जांच रिपोर्ट चौकाने वाला था। उपयंत्री ने 7 लाख रूपये के स्थान पर 38 लाख रूपये का मूल्यांकन कर दिया था। वही आयुक्त डीके शर्मा ने बताया कि स्टोर प्रभारी व प्रभारी सहायक यंत्री पीके सिंह ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर शिवाजी काम्प्लेक्स पाइप लाइन के कार्य का मूल्यांकन कर दिया था। जबकि सहायक यंत्री पीके सिंह का वह क्षेत्र नही था। ननि आयुक्त उक्त खुलासा के बाद सभी पार्षद अचम्भे में पड़ गए। आयुक्त ने कहा कि आगे अभी इनकी विभागी जांच चलती रहेगी। सभी अधिकारियों के विरूद्ध आरोप पत्र शीघ्र जारी किये जाएंगे। Singrauli News
भ्रष्टाचार कतई बर्दास्त नही: देवेश
नगर परिषद अध्यक्ष ने उपयंत्री को निलंबित किये जाने एवं सहायक यंत्री को सभी कार्यो से मुक्त किये जाने की कार्रवाई को लेकर कहा कि भ्रष्टाचार कतई बर्दास्त नही किया जावेगा। इसमें जिसकी भी संलिप्तता पाई जाएगी। उसके विरूद्ध ननि के आयुक्त कड़ी कार्रवाई करे। वही पार्षद अखिलेश सिंह एवं प्रेम सागर मिश्रा ने सिवरेज फेस-1 के कार्य में 5 करोड़ रूपये की घोटाला किये जाने की जांच रिपोर्ट को लेकर आरोप लगाया कि इसपर भी संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्षद अखिलेश सिंह ने उक्त मामले में लीपापोती करने का आरोप मढ़ा। ननि अध्यक्ष ने आयुक्त से कहा कि इसकी भी जांच कर कार्रवाई करते हुये अगली बैठक में प्रस्तुत करें। Singrauli News
ईडी गठबंधन के बात पर भिड़े पक्ष-विपक्ष के पार्षद
बैठक दोबारा शुरू होते ही पार्षद भारतेन्दु पाण्डेय ने इसी मुद्दे को लेकर कहा कि अब एमआईसी के पाले में गेंद गई है। एमआईसी में आम आदमी पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस के भी पार्षद शामिल हैं। इसी बात को लेकर कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के पार्षद एक साथ होकर भाजपा पार्षदों को बोलने लगे। दोनों के बीच जमकर कहा सुनी हुई। वही पार्षद सीमा जायसवाल ने भी मेयर सहित कांग्रेस के पार्षदों को घेरते हुये व्यक्तिगत टिप्पणी करने पर आपत्ति जताई। वही मेयर रानी अग्रवाल ने कहा कि ईडी गठबंधन लोकसभा चुनाव तक था। नगरीय निकाय में कोई गठबंधन नही है। आप अकेले हैं। Singrauli News