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Janpad Panchayat Devsar : जाते-जाते साहब ने कर दिया लाखों का खेला! जनपद पंचायत देवसर में बना है चर्चाओं का विषय,नवनिर्वाचित जनपद सदस्यों में भारी नाराजगी

Janpad Panchayat Devsar : सिंगरौली 1 सितम्बर। जनपद पंचायत देवसर के बहुचर्चित सेवा निवृत्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जाते-जाते लाखों का खेला कर गये। इसकी चर्चाएं इन दिनों जनपद पंचायत में खूब हो रही हैं। वहीं इसकी भनक लगते ही नव निर्वा चित जनपद सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है.

Janpad Panchayat Devsar : गौरतलब हो कि जनपद पंचायत देवसर में जुलाई महीने के पूर्व तक पदस्थ चर्चित मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीके सिंह अपने काले कारनामों को लेकर हमेशा से सुर्खियों में रहे हैं। उनका एक-एक कारनामा किसी से छुपा नहीं है। सूत्र बता रहे हैं कि सेवानिवृत्त होने के पूर्व तत्कालीन सीईओ बीके सिंह ने ऐसा खेल खेला है की मौजूदा जनपद अधिकारियों के लिए सिरदर्द बन गया है.

सूत्र बता रहे हैं कि तत्कालीन जनपद सीईओ ने करोड़ों रूपये के निर्माण कार्यों की मंजूरी दे दिया है और यह कार्य ग्राम पंचायतों में स्वीकृत किये गये हैं. Janpad Panchayat Devsar
 मामला जब चर्चाओं में आया तो नवनिर्वाचित जनपद सदस्यों को भी सीईओ के इस कदम से एतराज है और पता लगाने में जुटे हैं कि क्या यह बात सच है यदि सही है तो जनपद पंचायत के सामान्य सभा व सामान्य प्रशासन से प्रस्ताव पास है या फिर मनमानी तौर पर कर दिया गया है। यहां बताते चलें कि सेवानिवृत्त सीईओ इसके पहले 2016-17 में जनपद पंचायत बैढऩ में सेवाएं दे चुके हैं। इस दौरान इन पर अनियमितता संबंधी कई आरोप लग चुके थे। स्ट्रीट लाईट खरीदी में पंचायतों में दखल व अपने चहेतों को उपकृत करने जैसे आरोप लगे थे. Janpad Panchayat Devsar
इतना ही नहीं जनपद पंचायत के तत्कालीन अध्यक्ष से भी इतका 36 का आंकड़ा था। देवसर पदस्थापना के दौरान उनके कई कारनामे चर्चाओं में रहे। सेवानिवृत्त होने के पूर्व लाखों, करोड़ों रूपये निर्माण कार्य की मंजूरी भी सुर्खियों में है। फिलहाल सेवानिवृत्त जनपद पंचायत सीईओ पर लगाये जा रहे आरोपों में कितनी सत्यता है यह तो जनपद के दस्तावेजों के खंगालने के बाद ही पता चल पायेगा कि जाते-जाते उन्होंने कितने का खेला किया है. Janpad Panchayat Devsar
कई वर्षों से गायब रही सेवा पुस्तिका
जानकारी के मुताबिक सेवानिवृत्त बहुचर्चित सीईओ बीके सिंह की सेवा पुस्तिका कई सालों से गायब थी। जिसके संबंध में पंचायत ग्रामीण विकास विभाग भोपाल के द्वारा भी कई बार पत्र जारी कर नोटिस जारी कर सेवा पुस्तिका उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया। इतना ही नहीं जिला पंचायत सिंगरौली के अधिकारियों के द्वारा भी कई बार तत्कालीन सीईओ बीके सिंह को पत्र जारी कर सेवा पुस्तिका उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया था। साथ ही इस संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल के यहां भी पत्राचार किया गया, फिर भी तत्कालीन सीईओ बीके सिंह पर कोई असर नहीं पड़ा था. Janpad Panchayat Devsar
बिना वेतन के कर रहे थे कामकाज,ठाट-बाट में कोई कमी नहीं रही

आरोप है की सेवा पुस्तिका के गायब होने के बाद सीईओ का वेतन बंद था। कई सालों से वेतन नहीं मिला और इस दौरान वे रिटायर भी हो गये। सेवा कार्यकाल के दौरान वेतन न मिलने की कमी कभी नहीं दिखी। उनके ठाट-बाट रहन सहन जगजाहीर हैं और यह ठाट-बाट कहां से हो रहा था यह बात किसी स छुपी नहीं है। जनपद पंचायत देवसर में इस बात की चर्चाएं आज भी होती हैं कि साहब का खर्च कैसे चलता था? फिलहाल साहब भले ही रिटायर हो चुके हों लेकिन सेवानिवृत्त होने के बाद भी ऐसा छाप छोड़ा है की चर्चाएं रोजाना हो रही हैं. Janpad Panchayat Devsar

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