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Kishori का अपहरण कर दुराचार करने वाले आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास,विशेष न्यायाधीश ने पाक्सो एक्ट के तहत सुनाया ऐतिहासिक फैसला

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Kishori : सिंगरौली 10 सितम्बर। बारात देखने गयी एक किशोरी को का अपहरण कर घर के अंदर कैद करते हुए दुराचार करने वाले आरोपी के विरूद्ध देवसर न्यायालय के विशेष न्यायाधीश श्यामसुंदर झा द्वारा पाक्सो एक्ट के तहत 20 साल का कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया है.

 

Kishori : वहीं आरोपी के पिता को दोषमुक्त कर दिया गया है.
लोक अभियोजन मार्कण्डेय मणि त्रिपाठी के अनुसार 26 जून 2019 को पीडि़ता की मॉ ने पुलिस थाना जियावन पहुंच रिपोर्ट दर्ज कराया कि 25 जून 2019 को उसके पड़ोस के घर में बारात आयी थी बारात देखने के लिए पीडि़ता गयी किन्तु वापस नहीं आयी। पीडि़ता की उम्र करीब 16 वर्ष से अधिक है। इसी दिन रात्रि 11 बजे पीडि़ता की सहेली ने पीडि़ता की मॉ को बताया कि पीडि़ता सड़क व नदी की तरफ जा रही थी. Kishori
तब पीडि़ता के परिवारजनों ने सड़क, नदी, आस-पास के घरों और रिश्तेदारों में पता तलाश किये। किन्तु पीडि़ता का कोई पता नहीं चला। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पीडि़ता को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की शिकायत करने पर पुलिस थाना जियावन में पीडि़ता की गुमशुदगी तथा अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करते हुए भादवि की धारा 363 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया. Kishori
विवेचना के क्रम में 27 जून 19 को पीड़िता को हर्रा चंदेल में आरोपी नजर मोहम्मद के मकान की तलाशी कर वहां से पीडि़ता को दस्तयाब कर तलाशी एवं दस्तयाबी पंचनामा बनाया गया। पीडि़ता ने पुलिस के समक्ष अपना कथन दिया कि मैं अपने सहेली के साथ घर के पास स्थित नाला, नदी के पास निस्तार करने के लिए गयी थी। वहां ऐयाज मुझसे मिला। मुझे बहला-फुसलाकर अपने घर लेकर चला गया और मेरे साथ जबरदस्ती गलत काम किया। मैं आरोपी के पिता को उक्त घटना के बारे में बताया और आरोपी के पिता नजर मोहम्मद पिता फुलेल बक्स उम्र 46 वर्ष निवासी हर्रा चंदेल से कही की मुझे मेरे घर पहुंचा दो किन्तु वह नहीं माना. Kishori
बता दें कि 26 जून 19 को जियावन थाना की पुलिस उक्त घटना स्थल पर पहुंचकर मुझे थाना जियावन लेकर आये। न्यायालय के समक्ष पीडि़ता ने अपने कथन में कहा है कि घटना दिनांक दो लोग आये और उनमें से एक अपना मुंह पर कपड़ा बांध रखा था और दूसरा आरोपी अय्याज मोहम्मद पिता नजर मोहम्मद उम्र 22 वर्ष था। लोक अभियोजन के अनुसार वह चिल्लाई थी लेकिन डीजे की तेज आवाज के कारण किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी थी. आरोपी ने उसके साथ बलात्संग किया था। आरोपी का डीएनए टेस्ट कराया गया। डीएनए टेस्ट के आधार पर न्यायालय द्वारा अय्याज मोहम्मद को दोषी पाया और उसे नियमानुसार दंडित किया गया. Kishori
पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश के द्वारा आरोपियों के विरूद्ध भादवि की धारा 343 के तहत 1 वर्ष का कारावास एवं 500 रू.,363 के तहत 5 वर्ष की सजा, 366 के तहत 7 वर्ष की सजा, 368 के तहत 5 वर्ष की सजा एवं 1-1 हजार रू. का अर्थदण्ड, 376 (2)(एन) के तहत 10 वर्ष की सजा एवं 376 (3) के तहत 20 वर्ष की सजा एवं  5-5 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित करते हुए अर्थदण्ड देने में व्यतिक्रम में कठोर कारावास का सजा सुनाया गया है। वहीं आरोपी के पिता को दोषमुक्त कर दिया गया है. Kishori

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