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Singrauli News: दिव्यांगों के उपकरण में मानक की अंधेखी,DMF के 3 करोड़ रुपए का हुआ बंदरबांट

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दिव्यांगों के सहायक उपकरण वितरण का मामला,
सामग्री वितरण की माननीय भी करायेंगे जांच
जिले में दिव्यांगों को डीएमएफ फण्ड से सहायक उपकरण वितरण कराने तीन करोड़ रूपये की मिली थी मंजूरी,जिले के जनप्रतिनिधि भी प्रशासन के कदम से खफा

Singrauli News: सिंगरौली 3 अक्टूबर। जिले में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फण्ड से तकरीबन 3 करोड़ रूपये की लागत से दिव्यांगों को सहायक उपकरण सामग्री वितरण किये जाने का दावा सामाजिक न्याय एवं कल्याण विभाग सिंगरौली के द्वारा किया जा रहा है.

Singrauli News: किन्तु भारत सरकार के गाईड लाईनों का पालन न किये जाने से अब प्रदेश सत्ताधारी दल के तीनों माननीय विधायकों ने आपत्ति जतायी है और कहा है कि यह मामला हम लोगों के संज्ञान में नहीं था। लेकिन अब इसकी जांच जरूरी है.

गौरतलब हो कि सामाजिक न्याय विभाग सिंगरौली को जिला खनिज प्रतिष्ठान से दिव्यांगों के सहायक उपकरण उपलब्ध कराने व वितरण कराने के लिए 3 करोड़ रूपये की मंजूरी दी गयी थी और आरोप है कि सामाजिक न्याय विभाग ने भारत सरकार के सभी कायदे कानून को तिलांजलि देते हुए डीडीआरसी के लिए तय किये गये गाइड लाइन को नजर अंदाज कर भारत सरकार के उपक्रम बेसिल कंपनी पर दरियादिली दिखाते हुए बड़ी मेहरबानी की. Singrauli News
उप संचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्त जन कल्याण विभाग सिंगरौली पर यह भी गंभीर आरोप है कि इन्होंने बिना टेण्डर प्रक्रिया अपनाते हुए 3 करोड़ रूपये का कार्य बेसिल कंपनी को सौंप दिया और बेसिल कंपनी ने भी इंदौर की एक एनजीओ एलिम्को संस्था को कार्य दे दिया। जहां दिव्यांगों को गुणवत्ताविहीन सहायक उपकरण उपलब्ध कराया गया है. Singrauli News
हैरानी की बात है कि जिला मुख्यालय में दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र भी संचालित है। इन्हें सहायक उपकरण सामग्री वितरण करने का जिम्मा इसलिए नहीं सौंपा की उक्त विभाग के उप संचालक के मंशा पर खरे न उतरते. Singrauli News
संभवत: इसीलिए बेसिल कंपनी को कामकाज सौंप दिया था। इधर दिव्यांग सहायक उपकरण के लिए 3 करोड़ रूपये की मंजूरी मिल गयी, लेकिन आज तक डीपीआर  बना है कि नहीं विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को भी पता नहीं है। यदि बना भी है तो इसकी जानकारी भी आज तक नहीं दी गयी, बल्कि जिम्मेदार अधिकारी इस जानकारी को देने में आवेदक को गुमराह कर रहे हैं. Singrauli News
इतना ही नहीं सूचना अधिकार अधिनियम के तहत की गयी अपील को भी अस्वीकार किया है। इसमें कहीं न कहीं लंबा झोल किये जाने का बू आ रहा है। जिसके कारण सहायक उपकरण के लिए तैयार किये गये डीपीआर की जानकारी नहीं दी जा रही है। वहीं अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। जिले के जनप्रतिनिधियों ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए जांच कराये जाने पर जोर देने की बात कही है. Singrauli News
इनका कहना है
आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ से मामले की जानकारी ली जायेगी। डीपीआर तैयार क्यों नहीं कराया गया और टेण्डर को लेकर क्या नियम हैं इस पर भी चर्चा की जायेगी।
रामलल्लू बैस,विधायक सिंगरौली
इनका कहना है
मामला संज्ञान में आया है। निश्चित रूप से कलेक्टर से मामले पर जानकारी ली जायेगी। यदि किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो निश्चित रूप से मामले की जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई करायी जायेगी।
अमर सिंह,विधायक चितरंगी
इनका कहना है
अभी मामला हमारे संज्ञान मेें नहीं है। आपके माध्यम से मालूम चल रहा है इसके संबंध में कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ से चर्चा करूंगा। इसके बाद ही बता पाऊंगा कि मामले में क्या कुछ सच्चाई है।
सुभाष वर्मा, विधायक,देवसर
इनका कहना है
डीएमएफ फण्ड की राशि के संबंध में विधायकों से जानकारी ली जाय तो वह बेहतर जानकारी दे सकेंगे। फिर भी आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है। कलेक्टर से जानकारी लूंगा।
वीरेन्द्र गोयल,जिलाध्यक्ष,भाजपा

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