अलविदा पापा… हिंदू परंपरा को तोड़ बेटियों ने पिता के शव को कंधा देकर दी मुखाग्नि,निभाया पुत्र का दायित्व, - विंध्य न्यूज़

अलीगढ़। बेटियां बेटों से कम नहीं। इस बात को सच साबित करती दिखीं गुप्ता समाज का चार बेटियां जी हां जब चारों बेटियां अपने पिता की अर्थी को कंधा लेकर निकली तो देखने वालों की भीड़ लग गई। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर किसी व्यक्ति की आंखे नम थी। अलीगढ़ थाना बन्ना देवी के नुमाइश मैदान पर हिंदू परंपरा को तोड़ते हुए अलीगढ़ की 4 बेटियों ने पिता के शव को कंधा देकर न ही केवल मोक्षधाम पहुंचाया बल्कि पिता को मुखाग्नि देकर पुत्र का दायित्व निभाया ।जिस पिता के कंधों पर खेल कर चारों बेटियां बड़ी हुई थी,आज उसी पिता की अ अर्थी को उठाया तो बेटियों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। जिसने भी देखा खुद के आंसुओं को नहीं रोक पाया। 


फोन करने के बाद भी नहीं पहुंचा एंबुलेंस
थाना बन्नादेवी में चाय बेचने वाले व्यक्ति की टीबी की बीमारी से निधन हो गया था। लेकिन, दुख का विषय यह है कि शुक्रवार की रात टीबी से पीड़ित व्यक्ति तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। पर, समय से एंबुलेंस नहीं पहुंची। अलीगढ़ थाना बन्ना  देवी के नुमाइश मैदान में झोपड़ी डालकर जीवन यापन कर रहा संजय लंबे समय से टीबी की बीमारी से पीड़ित था। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। लेकिन, कोरोना वायरस के कारण लागू किए गए लॉक डाउन के कारण अस्पताल में ओपीडी बंद कर दी गई। ऐसे में उसका इलाज अधर में लटक गया। धीरे-धीरे उसकी तबियत बिगड़ती चली गई। शुक्रवार की रात संजय ने अधिक तबियत खराब होने के कारण परिजनों ने 108 व 102 नंबर पर एंबुलेंस को फोन किया, पर दो घंटे बाद तक भी एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। जिसके चलते संजय ने देररात तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। जिसके चलते परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी, बेटियों का रो रोककर बुरा हाल हो गया। 
 

श्मशान घाट में अंतिम संस्कार तक रुकी

सुबह जैसे-तैसे अर्थी के सामान का प्रबंध किया गया। लेकिन, संजय के बेटा न होने के कारण अर्थी को कंधा देने की बारी आई तो बेटी प्रियांशी, राधा, मोनी, ज्योति और काजल आगे आई और उन्होंने पिता की अर्थी को कंधा दिया। बिलखती बेटियों को पिता की अर्थी को कंधा देते देख मौजूद लोग भी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। इसके बाद नुमाइश मैदान स्थित मोक्षधाम में अर्थी पहुंची तो बेटियों ने ही सभी संस्कार कर शव को मुखाग्निी दी साथ ही श्मशान घाट में अंतिम संस्कार तक रुकी रहीं।

1 thought on “अलविदा पापा… हिंदू परंपरा को तोड़ बेटियों ने पिता के शव को कंधा देकर दी मुखाग्नि,निभाया पुत्र का दायित्व,

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