राष्ट्रीय

पटना में बालू घाट पर छापेमारी, पुलिस वह माफियाओं के बीच खूब चली गोली,10 पोकलेन मशीन जब्त.. हिरासत में लिए गए 32 लोग

पटना के बिहटा में अमनाबाद बालू घाट पर अवैध खनन की सूचना पर पटना एसटीएफ ,स्थानीय पुलिस और खनन विभाग ने संयुक्त रूप से छापेमारी की. इस दौरान सोन नदी के अमनाघाट बालू घाट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 पोकलेन मशीन और एक हथियार जब्त (10 Poklen machines and one weapon seized in Bihta) किया है. इसके साथ ही 32 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. छापेमारी की इस घटना से बालू माफियाओं में हड़कंप मचा है.पुलिस को आते देख माफियाओं ने गोलीबारी शुरू कर दी.

पटना: बिहार में इन दिनों अवैध खनन को लेकर जिला प्रशासन और खनन विभाग की तरफ से लगातार कार्रवाई  (Action on illegal mining in Bihta) की जा रही है. इसी कड़ी में राजधानी पटना से सटे बिहटा के अमनाबाद बालू घाट पर कार्रवाई करने गई पटना एसटीएफ, स्थानीय पुलिस और खनन विभाग को आता देख अवैध बालू खनन माफियाओं ने फायरिंग शुरू कर दी हालांकि माफियाओं द्वारा गोलीबारी में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं मिली है ने संयुक्त रूप से छापेमारी की. इस दौरान एसटीएफ की टीम और जिला खनन विभाग ने अवैध खनन करने वाले 32 लोगों को हिरासत में (32 people arrested for illegal mining in Bihta) लिया, जबकि कुछ लोग भागने में सफल रहे. इसके साथ ही 10 पोकलेन मशीनों को भी जब्त किया गया. वहीं, मौके से एक राइफल और कई जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं. इस कार्रवाई के बाद खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया।

बताया जा रहा है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सोन नदी के अमनाबाद बालू घाट पर बालू की अवैध खनन (Illegal mining at Amnabad sand ghat) की जा रही है. बिहटा पुलिस व एसटीएफ टीम गुरुवार को छापेमारी करने पहुंची. पुलिस को आते देख माफियाओं ने गोलीबारी शुरू कर दी. अचानक हुई गोलीबारी में पुलिस बल पीछे हटने को मजबूर हो गए. घटना के बाद बिहटा पुलिस और एसटीएफ ने अतिरिक्त बल बुला कर फिर से चढ़ाई कर दी.इस दौरान अवैध खनन कर रहे बालू माफियाओं और पटना एसटीएफ के बीच कई राउंड फायरिंग भी हुई. वहीं, कई लोग पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। हालांकि पटना एसटीएफ और स्थानीय पुलिसअमनाबाद बालू घाट से एक राइफल, आधा दर्जन जिंदा कारतूस के साथ 32 अपराधियों व नाव चालक को गिरफ्तार किया गया है. वहीं घटनास्थल पर अवैध बालू खनन मे लगे 10 पोकलैंड मशीन को भी जप्त किया गया है.

दोनों तरफ से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग यह कोई पहला वाक्या नहीं है जब खनिज माफिया व पुलिस के बीच संघर्ष हुआ हो आज की घटना ने यह साबित कर दिया कि अवैध माफियाओं के किस कदर हौसले बुलंद है हालांकि अवैध खनन के खिलाफ हो रही कार्रवाई और छापेमारी से बालू माफियाओं के बीच हड़कंप मचा गया. घाटों पर छापेमारी का नाम सुनकर अवैध कारोबार करने वाले बालू माफिया भागने में सफल रहे. फिलहाल पुलिस फरार बालू माफियाओं की पहचान करने में जुटी है. ताकि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके. हालांकि अमनाबाद सोन बालू घाट पर छापेमारी के दौरान कोई बालू माफिया टीम के हत्थे नहीं चढ़ा।जिला खनन अधिकारी कुमार गौरव ने कहा कि जो सरकार के द्वारा नीति बनाए गई है, उसी के तहत बालू का खनन किया जाना है. अगर कोई भी अवैध तरीके से बालू का खनन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यह सरकार की नीति और आदेश है. आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.

बालू माफियाओं ने सोन नदी में फेंके कई हथियार  
बता दें कि बिहटा के अमनाबाद और मनेर के 84 इलाके में बालू के अवैध खनन व परिवहन का सबसे बड़ा खेल होता है. इसकी सूचना पर जब भी पुलिस कार्रवाई करने पहुंचती है तो पुलिस पर ही बालू माफिया कई राउंड फायरिंग शुरू कर दी . लेकिन आज खनन विभाग के पदाधिकारी कुमार गौरव के नेतृत्व में पहुंची पुलिस और एसटीएफ की टीम सोन नदी में चल रहे अवैध बालू खनन कर रहे बालू माफिया के गढ़ में छापा मारा है. दोनों तरफ से गोलियों की तड़तड़ाहट के बाद आखिरकार एसटीएफ और बिहटा पुलिस ने मौके से अवैध बालू के कारोबार से जुड़े 32 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और 10 पोकलैंड मशीन, एक राइफल, छह जिंदा कारतूस बरामद कर लिया है. इस दौरान बालू माफियाओं ने कई हथियार सोन नदी में फेंक दिए. हालांकि अवैध कारोबार करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की जाएगी ।

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