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प्रदूषण व आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं के बीच संबंध,वैज्ञानिकों ने हैरान करने वाली जानकारियां दी

वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया है कि बिजली गिरने का संबंध प्रदूषण से है। 2020 में लॉकडाउन लागू होने के दौरान दुनिया भर में आंधी-तूफान (बिजली) की घटनाओं में करीब आठ फीसदी की कमी आई।

दुनियाभर में फैल चुकी कोरोना महामारी के कई तरह के असर हुए हैं। स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधि को होने वाले नुकसान की गणना मुख्य रूप से की जाती है। लेकिन महामारी के प्रसार को रोकने के लिए 2020 में लगाए गए लॉकडाउन का पर्यावरण पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इस संदर्भ में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एक अध्ययन में पाया गया कि कोविड-19 के कारण 2020 में जारी बड़े पैमाने पर लॉकडाउन के दौरान, दुनिया भर में गरज (आकाशीय बिजली) की घटनाओं में लगभग आठ प्रतिशत की कमी आई है।

लाकडाउन में आई थी प्रदूषण में कमी
शोधकर्ताओं के मुताबिक, ऐसा लगता है कि बिजली गिरने की घटना में आई इस कमी का संबंध वायु प्रदूषण के कम होने से है। इंस्टीट्यूट के मौसम विज्ञान विभाग के शोधकर्ता याकुन लियू बताया कि कोविड-19 के कारण लागू किए गए लाकडाउन की वजह से हर जगह प्रदूषण में कमी आई।

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प्रदूषण में कमी का क्या मतलब है? प्रदूषण में कमी का अर्थ है कम सूक्ष्म कण। ये कण आकाश को ढकते हैं और पानी की बूंदों और बर्फ के क्रिस्टल के लिए न्यूक्लियेशन पॉइंट प्रदान करते हैं। इस प्रकार, जैसे-जैसे बादल में छोटे बर्फ के क्रिस्टल की मात्रा कम होती जाती है, वैसे-वैसे उन क्रिस्टल के बीच टकराव भी कम होता जाता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि थंडरहेड्स विद्युत आवेशित होते हैं, जिससे बिजली गिरती है।

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ग्लोबल लाइटनिंग डिटेक्शन नेटवर्क का उपयोग करना शोधकर्ताओं ने कहा कि मार्च और मई 2020 के बीच के तीन महीने दुनिया भर में बिजली और एरोसोल के बीच संबंधों का अध्ययन करने का एक अच्छा अवसर थे। अपने शोध में, टीम ने दुनिया भर में बिजली की घटनाओं की भविष्यवाणी करने के लिए ग्लोबल लाइटनिंग डिटेक्शन नेटवर्क (जीएलडी 360) और वर्ल्ड वाइड लाइटनिंग लोकेशन नेटवर्क (डब्ल्यूडब्ल्यूएलएलएन) के डेटा का इस्तेमाल किया।

एयरोसोल की अहम भूमिका
एयरोसोल के लिए उन्होंने सेटेलाइट डाटा का प्रयोग किया जो वातावरण में प्रदूषण की स्थिति भी दर्शाता है। एयरोसोल का आकलन आप्टिकल डेप्थ के रूप में किया गया, जो यह दर्शाता है एयरोसोल प्रकाश को अवशोषित कर परावर्तित करता है। साल 2018 से 2021 के बीच ऋतु दर ऋतु शोधकर्ताओं ने पाया कि लाकडाउन के दौरान अधिकांश जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने और एयरोसोल में उल्लेखनीय कमी आई।

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7.8 प्रतिशत की कमी शोधकर्ताओं ने पिछले महीने न्यू ऑरलियन्स में अमेरिकी भूभौतिकीय संघ की एक बैठक में अपने निष्कर्ष प्रस्तुत किए। बिजली गिरने की घटनाओं में 7.8 प्रतिशत की कमी आई है।

अमेरिका में मामूली बढ़त एक अन्य महत्वपूर्ण अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने पाया कि 2018, 2019 और 2021 में समान महीनों की तुलना में मार्च-मई 2020 में आंधी की घटनाओं में 19 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने यह भी पाया कि अफ्रीका, यूरोप, एशिया और दक्षिण-पूर्वी तट पर एरोसोल प्रदूषण और बिजली गिरने की घटनाएं समान रहीं, लेकिन अमेरिका में थोड़ी वृद्धि हुई।

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