वास्तव में वह सत्य जो मैंने लॉकडाऊन के दौरान जाना,सीखा है व सिख रहे है,जरूर देखें । - विंध्य न्यूज़

प्रकृति के साथ खिलवाड़ करोगे तो प्रकृति आपके साथ ऐसा खिलवाड़ करेगी कि जीना मुश्किल हो जाएगा, तूफान,भूकंप असमय बारिश व ओलावृष्टि पढ़ना यह सब क्या है।
1. आज अमेरिका घुटनों पर है,अग्रणी देश नहीं है,।
2. चीन में हाहाकार मचा हुआ है वह कभी विश्व कल्याण की नही सोच सकता, या फिर यूं कहें कि मानवता नहीं बची है।
3. यूरोपीय उतने शिक्षित नहीं जितना उन्हें समझा जाता था, नहीं तो इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती।
4. हम अपनी छुट्टियॉ बिना यूरोप या अमेरिका गये भी आनन्द के साथ बिता सकते हैं, अपवाद को छोड़कर।
5. भारतीयों की रोग प्रतिरोधक क्षमता विश्व के लोगों से बहुत ज्यादा है।
6. कोई पादरी, पुजारी, ग्रन्थी,मौलवी या ज्योतिषी एक भी रोगी को नहीं बचा सका।
7. स्वास्थ्य कर्मी,पुलिस कर्मी, बैंकर्स,प्रशासन कर्मी ही असली हीरो हैं ना कि क्रिकेटर ,फिल्मी सितारे व फुटबाल प्लेयर ।
8. बिना उपभोग के विश्व में सोना,चॉदी व तेल का कोई महत्व नहीं सब नगण्य है।
9. पहली बार पशु व परिन्दों को लगा कि यह संसार उनका भी है, पर्यावरण स्वच्छ हुआ है।
10. तारे वास्तव में टिमटिमाते हैं यह विश्वास महानगरों के बच्चों को पहली बार हुआ।
11. विश्व के अधिकतर लोग अपना कार्य घर से भी कर सकते हैं, उन्हें बाहर जाने की कतई जरूरत नहीं है।
12. हम और हमारी सन्तान बिना ‘जंक फूड’ के भी जिन्दा रह सकते है।
13. एक साफ सुथरा व स्वच्छ जीवन जीना कोई कठिन कार्य नहीं है। 
14. भोजन पकाना केवल स्त्रियां ही नहीं जानती।
15. मीडिया केवल झूठ और बकवास का पुलन्दा नही है ।
16. अभिनेता केवल मनोरंजनकर्ता हैं जीवन में वास्तविक नायक नहीं।
17.भारतीय नारी कि वजह से ही घर मंदिर बनता है।
18. पैसे की कोई वैल्यू नही है क्योंकि आज दाल रोटी,सब्जी के अलावा क्या कर सकते हैं।
19. भारतीय अमीरों मे मानवता कुट-कुट कर भरीं हुईं है एक दो को छोड़कर। 
20. विकट समय को सही तरीक़े से भारतीय ही संभाल सकता है। 
21. सामुहिक परिवार एकल परिवार से अच्छा होता है।

22. अपनी भारतीय आदि संस्कृति में जिए, मानव कल्याण,जीव कल्याण से बढ़कर कुछ नहीं है सब को नमस्ते प्रणाम करे। प्रशासन के दिए हुए निर्देशों का अक्षर से पालन करें।


जय भारत🙏