राजनीति

election मैदान छोड़कर भागे सिंगरौली भाजयुमो जिलाध्यक्ष ! हार के डर से छोड़ा मैदान,

Singrauli BJYM district president ran away from the election ground! Afraid of defeat left the field,

चुनाव मैदान छोड़कर भागे सिंगरौली भाजयुमो जिलाध्यक्ष ! हार के डर से छोड़ा मैदान, वार्ड में पकड़ कमजोर ? ननि के वार्ड क्र.18 की कमोबेश स्थिति election

सिंगरौली 17 जून। भाजयुमो जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह परमार पाल ने पार्षद चुनाव लडऩे से आज अचानक मना कर दिया है। कल गुरूवार तक खूब दम खम भर रहे थे, लेकिन अचानक आज उन्होंने चुनाव लडऩे से मना कर दिया है। चर्चा है की भाजयुमो जिलाध्यक्ष को अभी से हर का डर सताने लगा था.election

दरअसल बुधवार को भाजपा ने 45 वार्ड पार्षद प्रत्याशियों का ऐलान किया था। जिसमें वार्ड क्र.18 से भाजयुमो जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह पाल को प्रत्याशी घोषित किया था। जिसके बाद से पूरे माहौल में सन्नाटा छा गया वजह है कि दावेदार मैदान छोड़कर पीछे हो गए थे जिसके बाद से पार्टी का माहौल खुशनुमा हो गया.election

 

बता दें कि टिकट वितरण के दिन जब भाजयुमो जिलाध्यक्ष को प्रत्याशी घोषित किया तो वह  पीछे हट गए जबकि भाजयुमो जिलाध्यक्ष अपने जीत का दावा कर रहे थे। लेकिन आज अचानक अपनी दावेदारी से पीछे हटने की वजह से सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या वार्ड में पकड़ कम थी हालांकि उन्होंने इस दौरान मैदान हटने का असली वजह पारिवारिक समस्याएं बताया है। उनकी मॉ कई महीने से बीमार हैं वहीं पिछले माह उनके बड़े भाई की मौत हो गयी थी। मुख्य पारिवारिक समस्याएं बताकर चुनाव लडऩे से इंकार कर दिया है।election

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पार्टी सूत्र बता रहे हैं की मैदान छोडऩे का मुख्य वजह हार का खतरा महसूस कर रहे थे और उनके पद पर आंच भी आ सकती थी। शायद इसी कारण उन्होंने भाजपा जिला संगठन के यहां चुनाव लडऩे से हाथ खड़े कर दिया है। इसकी पुष्टि भाजपा के जिला सह मीडिया प्रभारी नीरज सिंह ने किया है। फिलहाल वार्ड क्र.18 से भाजयुमो जिलाध्यक्ष के द्वारा चुनाव लडऩे से इंकार किये जाने के बाद पार्टी में ही तरह-तरह की चर्चांएं शुरू हो गयी हैं। इसे संगठन के निर्णय की अवहेलना मानी जा रही है।

कार्रवाई की उठने लगी मांग

भाजपा में ही दबी जुबान से भाजयुमो जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई किये जाने की मांग शुरू हो गयी है। हालांकि अभी तक कोई भाजपाई खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। लेकिन सूत्र बता रहे हैं की भाजयुमो जिलाध्यक्ष का यह निर्णय पार्टी के खिलाफ है। यदि भाजपा संगठन ने इन पर भरोसा कर मैदान में उतारा था तो पार्टी के गाइड लाइन व दिशा-निर्देश का पालन करना चाहिए था। कहीं न कहीं पार्टी के आदेश की अवहेलना व अनुशासन हीनता की गयी है।

 

भाजपा के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा की भाजयुमो जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई होनी चाहिए और इसकी शिकायत जिलाध्यक्ष के साथ-साथ प्रदेश संगठन तक पहुंचाया जायेगा। हालांकि राजेन्द्र पाल वार्ड क्र.17 से दावेदारी कर रहे थे।

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