जरहा की धराशायी पुलिया को लेकर कलेक्टर ने जांच के दिए आदेश,दो दिन पूर्व जरहा में कागज के पन्नों की तरह धराशायी हो गयी थी पुल

सिंगरौली 7 अगस्त। जरहा गांव की धराशायी पुलिया के मामले को लेकर कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कड़ा रूख अपनाया है। जांच कराकर दोषी क्रियान्वयन एजेंसी के कर्ताधर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई करने के संकेत दिया है।


गौरतलब हो कि दो दिन पूर्व जरहा गांव में पुलिया पर वैन चल रही थी इसी दौरान कागज के पन्नों की तरह पुल वैन के साथ वैन को लेकर धराशायी हो गयी। वैन में सवार तीन साल का बालक अमर शाह निवासी रौंदी की मौत हो गयी थी। वहीं बालक के माता-पिता समेत 7 लोग घायल हो गये थे। इस घटना के बाद घटिया पुलिया निर्माण कार्य को लेकर शासन-प्रशासन व एनसीएल परियोजना अमलोरी की किरकिरी भी शुरू हो गयी है। एक ओर जहां घटिया निर्माण कार्य को लेकर जरहा के ग्रामीणों में आक्रोश है तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीण लामबंद होकर सोमवार को कलेक्टर के यहां ज्ञापन सौंपने की भी तैयारी कर रहे हैं।


गौरतलब हो कि करीब दो साल पूर्व एनसीएल के सीएसआर मद से जरहा में सड़क व पुल का निर्माण कार्य तकरीबन साढ़े 3 करोड़ रूपये की लागत से कराया गया था। निर्माण कार्य के दौरान ही गुणवत्ताविहीन कार्य को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए एनसीएल परियोजना अमलोरी के यहां शिकायत किया था। लेकिन एनसीएल परियोजना के सिविल अमला व ठेकेदार ने अनसूनी कर दिया था। वहीं जर्जर पुलिया निर्माण कार्य के तीन साल के अंदर ही नाले में समा गयी। आरोप है कि निर्माण कार्य में जमकर कमीशनखोरी की गयी थी। पांच दिन पूर्व अंचल में हुई मूसलाधार बारिश से पुलिया क्षतिग्रस्त हो गयी थी। पंचायत के द्वारा परियोजना के अमले को फिर से अवगत कराया गया। इसके बावजूद वहां पर बैरिकेट तक नहीं लगाये गये थे और माड़ा टीआई सरासर मीडिया कर्मियों से झूठ बोल दिया था कि क्षतिग्रस्त पुलिया में एक साइड पुलिस द्वारा बैरिकेट लगाया गया था। चलती वैन के साथ पुलिया के जमींदोज होने के बाद अब एनसीएल परियोजना की जमकर किरकिरी शुरू हो गयी है। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नवभारत से चर्चा के दौरान स्पष्ट तौर पर कहा है कि पहले यह तय हो जाय कि पुलिया का निर्माण कार्य पंचायत या एनसीएल से कराया गया था। यह तय होने के बाद दोषियों को बक्सा नहीं जायेगा। आपराधिक प्रकरण भी दर्ज होगा। यह बड़ी घटना है। फिलहाल कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने इस मामले में सख्त रूख अपना लिया है। उम्मीद है कि शीघ्र जांच उपरांत दोषी क्रियान्वयन एजेंसी व सिविल डिपार्टमेंट तथा ठेकेदार के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराते हुए दोषियों से राशि की वसूली व नौकरी करने वाले सेवकों की बर्खास्तगी की कार्रवाई की जायेगी।


हालात देखने पहुंची एनसीएल एवं प्रशासन की टीम
जानकारी के मुताबिक जरहा में ध्वस्त पुलिया के बाद एनसीएल परियोजना व सरकारी तंत्र के क्रियाकलापों व भ्रष्टाचार की खुली पोल को लेकर ग्रामीणों में जमकर प्रतिक्रियाएं हो रही हैं। वहीं ग्रामीणों के अनुसार आज शनिवार को आधा दर्जन से अधिक सरकारी व एनसीएल का अमला पहुंच घटना स्थल व ध्वस्त पुल का निरीक्षण किया है। इस दौरान टीम के द्वारा गांव वालों को कोई सूचना भी नहीं दी गयी थी। बच्चों की नजर टीम पर पड़ी। जहां बच्चे निर्माण कार्य में कमीशनखोरी को लेकर आपस में ही चर्चा करने लगे। कुछ देर बाद टीम वापस हो गयी।

दोषियों को बक्सा नहीं जायेगा: कलेक्टर
कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने नवभारत से चर्चा करते हुए साफ शब्दों में कहा है कि पुलिया के ध्वस्त होने की बड़ी घटना है। इस हादसे में एक बच्चे की जान चली गयी है। कई लोग घायल हैं। इस बात की जांच करायी जा रही है कि पुलिया एवं सड़क निर्माण कार्य पंचायत या एनसीएल के सीएसआर व डीएमएफ फण्ड से तो नहीं हुआ है। इस संबंध में जांच करायी जा रही है। जांच उपरांत दोषियों को बक्सा नहीं जायेगा। सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी।

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