तेंदूपत्ता श्रमिकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं - सीपी शुक्ला - विंध्य न्यूज़

वन विभाग के अधिकारी एवं तेंदूपत्ता ठेकेदारों की मिलीभगत से तेंदूपत्ता श्रमिकों का हो रहा शोषण, माडा क्षेत्र के कई समितियों में तेंदूपत्ता तोड़ाई पर रोक लगाने का दिया गया आदेश

सिंगरौली – मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता सीपी शुक्ला ने सिंगरौली वन विभाग के अधिकारियों के ऊपर गंभीर आरोप लगाया है श्री शुक्ला ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि सिंगरौली वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी तेंदूपत्ता के ठेकेदारों के साथ मिलकर तेंदूपत्ता श्रमिकों के साथ अन्याय कर रहे हैं उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में 22 लाख से अधिक श्रमिक तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य करते हैं। आज जब पूरे भारत देश में तालाबंदी है और श्रमिकों के पास काम का अभाव है ऐसे में सिंगरौली जिले के वन विभाग के अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर तेंदूपत्ता श्रमिकों के साथ तेंदूपत्ता तोड़ाई को लेकर काफी अनियमितता बरती जा रही है।

श्री शुक्ला ने आगे कहा कि माडा क्षेत्र के कई समितियों में आज से ही तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य बंद करने का फरमान ठेकेदार द्वारा सुना दिया गया है जबकि कुछ समितियों में जहां पर कमीशन की व्यवस्था उपलब्ध है वहां पर आगे भी तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य जारी रखा जाएगा तेंदूपत्ता श्रमिकों ने और समिति के कई लोगों ने आज मुझे फोन पर जानकारी देकर बताया की तेंदूपत्ता श्रमिकों के साथ काफी अन्याय किया जा रहा है जिसके जानकारी मैंने फोन कर डीएफओ सिंगरौली से लिया तो उनके द्वारा बताया गया कि तेंदूपत्ता खराब है इस कारण से श्रमिकों को कार्य करने से रोका जा रहा है इसके उलट श्रमिकों का आरोप है कि उनके द्वारा सही पत्ती तेंदूपत्ता तोड़ कर दिया जा रहा है यदि हम लोग गलत तेंदूपत्ता ला करके देते हैं तो उसे जांच कर ना लिया जाए जिस पर वन विभाग के अधिकारी सिर्फ बहाना बाजी बनाकर कुछ समितियों को ही फायदा और ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं जो तेंदूपत्ता श्रमिकों के साथ अन्याय है और इस पर तत्काल रोक लगाया जाय।

इसी प्रकार की घटना जिले के सिंगरौली जिले के अन्य समितियों में भी देखने को मिल रहा है जो काफी दुखद है भरी दुपहरी में तेंदूपत्ता श्रमिक काफी मेहनत कर तेंदूपत्ता का संग्रहण का कार्य करते हैं जिनके लिए सरकार द्वारा ना तो पानी की और अन्य व्यवस्थाएं फडो पर नहीं किया जाता है ऐसे में तेंदूपत्ता श्रमिकों के ऊपर तुगलकी फरमान देना आजाद भारत में बहुत बड़ा अन्याय है।

श्री शुक्ला ने तेंदूपत्ता श्रमिकों के हित में जिला कलेक्टर सिंगरौली एवं डीएफओ सिंगरौली को तत्काल निर्णय लेने के लिए पत्र भी लिखा है। पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि किसी भी हालत में श्रमिकों के साथ अन्याय ना हो और अभी जो समय बचा हुआ है उस बचे हुए समय में तेंदूपत्ता श्रमिकों से तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य कराया जाय। ताकि तेंदूपत्ता श्रमिकों को काम मिल सके।