बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 3 दिनों से लगी भीषण आग

उमरिया — जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 3 दिनों से लगी भीषण आग को राजस्व अमले के द्वारा किया गया काबू। कलेक्टर ने बताया कि हमको कोई भी जानवर मरे या घायल नही मिले, वहीं वन्य जीव विशेषज्ञ बताईं कि जानवर तो मरे हैं, कुछ जंगल छोड़ कर भाग गए।

उमरिया जिले का विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व 3 दिन से भीषण आग की चपेट में था, खितौली रेंज, मगधी रेंज, ताला रेंज का कोर एरिया ठोढ़ी बीट, चोरबहरा बीट और 4 नम्बर गेट का कुछ एरिया, धमोखर रेंज के बफर जोन का कुछ एरिया पूरी तरह जल कर खाक हो गया, सैकड़ों की तादात में जानवर आग की चपेट में आकर मौत के गाल में समा गए। वन्य जीव विशेषज्ञ वंदना द्विवेदी बताईं कि हम 1996 से बांधवगढ़ में वन्य जीव संरक्षण का काम कर रहे हैं और आज तक इतनी भीषण आग नही देखे जितनी अभी 3 दिन में लगी है। यह सामान्य घटना नही है, भारी मात्रा में जानवरों की मौत हुई है और कुछ जानवर जो आग के चलते भटक कर गए हैं उनको भी अपना आवास बनाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, उसके साथ पर्यावरण को भी भीषण क्षति हुई है इसको रिकवर करने में काफी समय लगेगा।

जिले के कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव शासन – प्रशासन से बंधे होने के कारण सब कुछ सामान्य बता रहे हैं, उनका कहना है कि हमने फायर प्रोटेक्शन के लिए मनरेगा को एलाउ कर दिया है, फायर ब्रिगेड, चंदिया, उमरिया, पाली को बुला कर लगा दिया है, साथ ही यह भी कहा कि यदि ज्यादा जरूरत हो तो एस डी आर एफ, एन डी आर एफ को बुलाएं, होमगार्ड को लगा दिया था, मैंने खुद एफ डी साहब के साथ दौरा किया था, आग नियंत्रण में है कुछ ठूंठ वगैरह सुलग रहे हैं, अभी धुंआ दिखेगा, अब फैलने की स्थिति नही है, लगभग नियंत्रण पाया जा चुका है। वहीं जब वन्य जीव के मौत के बारे में उनसे पूंछा गया तो वन विभाग की तरफ से दलील दिए कि हम जहां गए वहां कोई भी वन्य जीव मृत या आहत अवस्था में नहीं मिला, एक तरफ से आग लगी और दूसरे तरफ से जानवर निकल गए, जब मगधी गेट के बारे में पूंछा गया तो कहे कि जिप्सी पेट्रोल से चलती है इसलिए उनको मगधी की जगह गोन्हड़ी गेट से भेजा गया और पर्यटन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है कारणों की जांच के लिए वन विभाग की तरफ से टीम गठित की जा रही है।

गौरतलब है कि पार्क के जिम्मेदार कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है और जिले के कलेक्टर को बता दिए वो उतना ही प्रशासनिक ढंग से बता दिए लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञ की माने तो अनगिनत जानवरों की मौत हो गई और पार्क तो लगभग तबाह हो गया। आवश्यकता है इसकी उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाने की।

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