सीएम साहब देखिए MP में विकास का हाल! बीमार पड़ने पर यहां ‘खाट एंबुलेंस’ ही एकमात्र सहारा

MP News Panna : कोरोना संकट सहित गम्भीर बीमारियों के इलाज में शिवराज सरकार की ओर से लगातार मरीजों को हरसंभव मदद की बात कही जा रही है। लेकिन असल सच्चाई क्या है ये इस तस्वीर से साफ हो जाता है। जहां मरीज को एक अदद एंबुलेंस नसीब नहीं हो रही। हालात ऐसे है कि लोगों को खाट के जरिए मरीज को अस्पताल तक पहुंचाया जा रहा है।

अगर विकास इसी को कहते हैं तो जरूरत है इस विकास को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अपनी आंखों से देखें। कैसे आज भी इस गांव तक एम्बुलेंस पहुंचाने का उनका दावा खोखला साबित हो रहा है। उनके ही गुड गवर्नेंस काल में मरीज को खाट पर लादकर अस्पताल ले जाने के लिए ग्रामीण विवश हैं। जलालत और परेशानियों का सामना कर खाट को एम्बुलेंस बनाकर मरीज को अस्पताल तक ले जाने की हकीकत पन्ना जिले के रैपुरा तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत फतेपुर के ग्राम कंचनपुरा की है। मामला पन्ना जिले के रैपुरा तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत फतेपुर के ग्राम कंचनपुरा का है जहाँ बबलू सिंह धुर्वे उम्र 36 वर्ष पिता प्रेम सिंह धुर्वे जो कि अपने बीमार लड़के को इलाज हेतु कटनी के लिए ग्राम कंचनपुरा से मुख्य मार्ग झालाडूंमरी तक चारपाई की सहायता से कुछ ग्रामीणों की मदद से दलदल भरी सड़क एवं नदी नालों से होते हुए पारकर ले जा रहा है।

पन्ना के कंचनपुरा गांव का हाल देखिए
पूरा मामला पन्ना जिले के रैपुरा तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत फतेपुर के ग्राम कंचनपुरा का है, जहां सड़क नहीं होने, मेडिकल टीम के अभाव में एक मरीज की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों को खाट का सहारा लेना पड़ा। मध्य प्रदेश सरकार मुखिया खुले मंच से कहते नही थकते की एमपी मे अमेरिका से अच्छी सड़कें हैं लेकिन तस्वीरे अंग्रेजों के जमाने का हिंदुस्तान बता रही है। वक्त जरूर बदला है, हालात के साथ हुक्मरान भी बदल गए, अगर कुछ नहीं बदला तो वह है कंचनपुरा गांव की तस्वीर।

न एंबुलेंस, न मेडिकल टीम, खाट पर मरीज को ले जाने को मजबूर परिजन
ग्रामीण बताते हैं कि बारिश के दिनो में जब भी ग्रामीणों की तबीयत खराब हो जाती है तो अस्पताल पहुचानें में बहुत मुश्किल होती है। बदहाली का आलम यह है कि यहां न तो एम्बुलेंस पहुंचती और न ही कोई चिकित्सा विभाग की टीम। ऐसी स्थिति में ग्रामीण ही मरीज को खाट पर लाद कर कई किलोमीटर दूर सरकारी अस्पताल ले गए। यही नहीं स्थिति इतनी गंभीर है कि सड़क भी ठीक से नहीं है, जिससे मरीजों को लाने-ले जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इस तस्वीर को देखकर क्या कहेंगे मुख्यमंत्री जी
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से लगातार मरीजों को हरसंभव मदद की बात कही जा रही है। एंबुलेंस की सुविधा बढ़ाने से लेकर ग्रामीण इलाकों में लोगों की मदद के लिए मेडिकल टीम की तैनाती समेत कई दावे किए गए। लेकिन धरातल पर इसका कितना असर है, ये इस तस्वीर से साफ हो जाता है। जहां ‘खाट एंबुलेंस’ के जरिए मरीजों को इलाज के लिए ले जाया जा रहा। आखिर इस तस्वीर को देखकर सूबे के सीएम शिवराज सिंह व एमपी के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी क्या कहेंगे?

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