सीधी पड़रा जेल मे कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए कैदियो की सुरक्षा के लिए किया यह बड़ा काम

रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता बढ़ाने कैदियों की सेहत का खास ख्याल,जिला जेल में कैदियों से कराया जाता है प्रतिदिन व्यायाम

सीधी — जिला जेल में कैदियों को कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से कैदियों को बचानें के लिए रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ानें का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए कैदियों से जहां नियमित व्यायाम करवाया जाता है वहीं उनके खेल की भी व्यवस्था की गई है। महिला बन्दियों के लिए एक विशेष कक्ष बनाया गया है जहां केवल महिलाओं के देखरेख के लिए महिला आरक्षकों की डीयूटी लगाई जाती है वहीं महिला बन्दियों के स्वास्थ के देखरेख के लिए महिला डॉक्टर सुनिता तिवारी की डियूटी लगायी गई है। वहीं पुरूष बन्दियों के लिए डॉक्टर नितेश वर्मा के तैनाती की गई है।

जेल में भी क्वॉरेंटाइन किया जाता है नए कैदियों को

कोरोना काल में आने वाले सभी नए कैदियों को 15 दिन एक अलग कमरे में रखा जाता है एवं उनके जॉंच के उपरांत सभी कैदियों को कोविड का टीका लगाया जा चुका है। 45 वर्ष से उपर के कैदियों को दोनों टीके लगाये जा चुके हैं तो वहीं 18 से उपर के कैदियों को प्रथम डोज का टीका लगाया जा चुका है।जेल एवं जिला प्रशासन कोरोना संक्रमण से कैदियों को बचानें के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। जिला जेल में यदि एक कैदी को कोरोना का संक्रमण हुआ तो उसका प्रभाव अन्य कैदियों पर भी हो सकता है। इसीलिए जिन कैदियों को इस समय सर्दी-जुकाम व बुखार रहता है उनका तत्काल उपचार कराकर उन्हें अन्य कैदियों से अलग रखा जा रहा है। जिससे सर्दी-जुकाम का वायरस अन्य कैदियों को प्रभावित न कर सकें।  जिला जेल में माह में 6 बार कैंप लगाया जाता है जिसमें सभी कैदियों की जॉच करायी जाती है। सबसे अच्छी बात ये है कि प्रत्येक दिवस एचआईवी सेक्लीस की जॉंच करायी जा रही है। जेल में बन्द कैदियों को वर्ष में 13 दिन विशेष त्यौहारों पर स्पेशल भोजन की व्यवस्था की जाती है, तो वहीं बाकी दिनों में मीनू के आधार पर भोजन दिया जाता है।  


संक्रमण से बचाने लगाई गई आटा गूंथने की मशीन


कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला जेल प्रशासन ने आटा गूंथने व रोटी बनानें के लिए मशीन की व्यवस्था की है। ताकि  कैदियों को कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके। कोरोना काल के पूर्व कैदियों के द्वारा हांथ से आटा गूंथकर रोटी बनाई जाती थी। मशीन आने से जहां एक ओर कोरोना के संक्रमण से छुटकारा मिलेगा वहीं दूसरी ओर कम समय में बेहतर खाना बन जाएगा। जिला जेल में कैदियों को कोरोना काल में पौष्टिक आहार देकर उनके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानें के लिए प्रतिदिन भोजन में पांच प्रकार की दाल मिक्स करके एवं मौसमी सब्जी दी जाती है। जिला जेल में कुल 55 ऐसे कैदी हैं जिनको सजा मिल चुकी है, वहीं बाकी कैदियों का प्रकरण विचाराधीन चल रहा है। सजा काटने वाले कैदियों को शासन द्वारा 72 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भत्ता भी दिया जा रहा है। 

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