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केरोसिन की कालाबाजारी में विक्रेताओं पर अधिकारी ऐसे बना रहे दवाव

रिसीविंग दे दो वर्ना नौकरी चट जायेगी
जिले में कैरोसीन का चल रहा खेल, हितग्राहियों को दो महीने का नहीं मिला केरोसीन
सिंगरौली 30 जनवरी। रिसीविंग दे दो वर्ना नौकरी जाने मेें वक्त नहीं लगेगा, हितग्राहियों को मैनेज करने का काम खुद संभालो, शोर-शराबा भी न हो और सबको यही बताना है कि केरोसीन का आवंटन नहीं मिल रहा है। जिले के एक अधिकारी ने शासकीय उचित मूल्य दुकानों के कुछ विक्रेताओं को इस तरह का फोन कर रहे हैं। संबंधित अधिकारी खाद्य विभाग से नाता रखता है। जिले में दिसम्बर महीने से लेकर जनवरी तक का केरोसीन चितरंगी ब्लाक समेत बैढऩ के कई दुकानों में नहीं पहुंचा है। केरोसीन माफिया बीच में ही डाका डाल ले रहे हैं। जिसमें विभाग के एक अधिकारी की भूमिका भी अहम बतायी जा रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के चितरंगी ब्लाक समेत बैढऩ क्षेत्र के कई सरकारी राशन दुकानों से दिसम्बर एवं जनवरी महीने का केरोसीन का वितरण नहीं किया गया। उपभोक्ताओं को यही बता दिया जा रहा है कि आवंटन के अभाव में केरोसीन का वितरण नहीं हो पा रहा है। जबकि हैरान कर देने वाला तथ्य सामने आया है कि पिछले वर्ष दिसम्बर महीने में जनपद पंचायत चितरंगी क्षेत्र में 94967, देवसर जनपद क्षेत्र में 119107, बैढऩ जनपद क्षेत्र में 76487 व नगर निगम क्षेत्र सिंगरौली में 20534 लीटर का आवंटन मिला था। वहीं जनवरी महीने के लिए जनपद पंचायत चितरंगी क्षेत्र के राशन दुकानों के लिए 138298, देवसर क्षेत्र में 129293, बैढऩ जनपद क्षेत्र के लिए 99478 व नगर निगम सिंगरौली क्षेत्र में 35886 लीटर का आवंटन प्राप्त हुआ था। किन्तु चितरंगी व बैढऩ क्षेत्र के कई राशन दुकानों में उक्त महीने का केरोसीन वितरण नहीं किया गया।

सूत्र बता रहे हैं कि कथित विक्रेताओं से स्टोर व स्टाक पंजी में केरोसीन प्राप्त करने की रिसीविंग इलेक्ट्रानिक मशीन के माध्यम से हासिल कर ले रहे हैं। विक्रेता कथित अधिकारी के दबाव में आकर मशीन से रिसीविंग अंगूठे के माध्यम से देने के लिए विवश हैं और ऐसा न करने पर उन्हें नौकरी चाट जाने की धमकी दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि केरोसीन माफिया व संबंधित अधिकारी सांठ-गांठ कर विक्रेताओं पर दबाव बनाते हुए केरोसीन रिसीविंग की कागजी कार्रवाई पूर्ण कर बाजारों में गुप चुप तरीके से बिक्री कर दे रहे हैं। कागजी कार्रवाई पूरी तरह से चुस्त-दुरूस्त कर ली जा रही है। वहीं इसमें सबसे बड़ी बिडम्बना सेल्समैनों की है। जहां लगातार हितग्राहियों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ रहा है। फिलहाल जिले में केरोसीन की कालाबाजारी का कारोबार एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है। यह कारोबार चितरंगी व बैढऩ इलाके में व्यापक पैमाने पर चल रहा है। वहीं संबंधित अधिकारी ईमानदारी का पाठ पढ़ाते हुए अंजान बने हुए हैं।


बिक्रेताओं में बढ़ी टेंशन
दिसम्बर, जनवरी महीने का जहां केरोसीन का वितरण चितरंगी, बैढऩ ब्लाक के कई दुकानों में नहीं हुआ। उपभोक्ता केरोसीन पर टकटकी लगाये रहे। तो वही फरवरी महीने में केरोसीन के मिलने वाले आवंटन में गोलमाल करने की तैयारी शुरू हो गयी है। कुछेक विक्रेताओं ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा कि हम लोग एक साहब से परेशान हो गये हैं। नौकरी छिनने की धमकी देकर गलत तरीके से केरोसीन की रिसीविंग मांग रहे हैं। पिछले दो महीने का केरोसीन कहां गया हम लोग नहीं बता सकते। हां इतना जरूर है कि हम दबाव में आकर रिसीविंग दे दिये हैं। गला हम लोगों का फसा हुआ है और आगे भी इसी तरह की तैयारी की जा रही है। जबकि केरोसीन न मिलने की शिकायत उच्च अधिकारियों के यहां हो चुकी है।

इनका कहना है
अभी तक ऐसी जानकारी नहीं थी, अब मिल रही है यदि ऐसा है तो इसकी जांच करायी जायेगी और जांच में गड़बड़ी मिली तो जो भी दोषी होगा उसके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
राजीव रंजन मीना,कलेक्टर, सिंगरौली

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