पूर्व मंत्री के सह पर हुई हत्या? पुलिस दो आरोपियों के ही शामिल होने कर रही थी दावा, तीसरे आरोपी के पकड़े जाने पर पुलिस की खुली पोल,

तिनगुड़ी हत्याकाण्ड में आया नया मोड़,एक और आरोपी गिरफ्तार,अम्ब्रेश हत्याकांड में पुलिस दो आरोपियों के ही शामिल होने कर रही थी दावा, तीसरे आरोपी के पकड़े जाने पर पुलिस की खुली पोल,7वें दिन भी आमरण अनशन जारी


सिंगरौली 8 जनवरी। तिनगुड़ी के अम्ब्रेश हत्याकाण्ड में पुलिस की जांच के दौरान लिखी गई स्क्रिप्ट का भण्डाफोड़ एक और आरोपी के पकड़े जाने के बाद हो गया है। पुलिस दावा कर रही थी कि अम्ब्रेश के हत्याकाण्ड में दो ही आरोपी थे, लेकिन अब तीसरे आरोपी के पकड़े जाने के बाद पुलिस की विवेचना पर शक की सुई घूमने लगी है।

गौरतलब हो कि पिछले माह ग्राम तिनगुड़ी निवासी अम्ब्रेश पिता रामबरन प्रजापति उम्र 28 वर्ष की तिनगुड़ी चौकी से चंद कदम दूर तकरीबन दो सौ मीटर पर स्थित दुकान में सोते समय हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला करते हुए मौत की नींद सुलाते हुए फरार हो गये थे। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने दो सगे भाई आरोपियों को अम्ब्रेश की हत्या में शामिल होने का दावा करते हुए गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया है। इस दौरान पुलिस ने दावा किया था कि आरोपियों ने मृतक की मोबाइल सिम को आग के हवाले कर दिया था और उनके कब्जे से 29 हजार रूपये केश भी बरामद हुआ था। जबकि मृतक के परिजनों का आरोप था कि पुलिस जांच करने में व्यापक पैमाने पर हीला-हवाली व गोलमाल की है।

पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाते हुए परिजन कलेक्टोरेट के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया। आज 7 वें दिन मृतक की मॉ, पिता व पत्नी आमरण अनशन पर डटे हुए हैं। वे लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। एसपी ने नवानगर टीआई रावेन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। जिसमें कल गुरूवार की देर शाम उस वक्त नया मोड़ आ गया जब इसी गांव के एक युवक को पुलिस शिकंजे में लेकर हत्या के मामले में पूछताछ करने लगी। उसने जो खुलासा किया और उसके कब्जे से मृतक की मोबाइल सिम, पर्स, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित करीब 18 हजार से अधिक कैश मिलने के बाद पुलिस की विवेचना के दावे की पोल खुल गयी। संदिग्ध आरोपी सुरेश साकेत पिता जनकलाल साकेत 21 वर्ष ने पुलिस व मृतक के नात रिश्तेदारों के समक्ष जो बयान दिया है वह सबको चौका दिया है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि आरोपी सुरेश साकेत 1 जनवरी को तिनगुड़ी स्थित एक दुकान में मोबाइल का रिचार्ज कराने पहुंचा था। 100 व 50 की दोनों नोट में ब्लड के छीटे पड़े थे। पुलिस पैनी नजर रख रही थी और यहीं से पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे।


जमीन के दरार में डाल दिया था सिम व आधार कार्ड
पुलिस का दावा है कि अम्ब्रेश हत्याकाण्ड के तीसरे आरोपी के कब्जे से 18 हजार रूपये कैश,पर्स, आधार कार्ड,मोबाइल सिम व ड्राइविंग लाइसेंस मिला है इन दस्तावेजों को आरोपी सुरेश साकेत ने एक बांध के समीप स्थित दरार मेें डालते हुए छुपा दिया था। खूनी नोट से ही तीसरे हत्या के आरोपी का पता चला है। पुलिस 1 जनवरी से ही उक्त आरोपी पर नजर रखते हुए सायबर को सक्रिय कर दिया था। हालांकि इस दौरान उसने अपना मोबाइल बंद रखा था, लेकिन ट्रेकिंग के माध्यम से पकड़ लिया गया और उसने 14 हजार का नया मोबाइल भी खरीदा है।


निष्पक्ष जांच हो तो और आरोपी पकड़े जायेंगे
आमरण अनशन पर बैठे मृतक अम्ब्रेश के पिता रामबरन प्रजापति का कहना है कि मेरे पुत्र की हत्या में और कई लोग शामिल हैं। इसमें एक पूर्व मंत्री का सह है। जिनके इशारे पर मेरे पुत्र की निर्मम हत्या की गयी है। पुलिस शुरू से ही घटना स्थल से साक्ष्यों को मिटाने के लिए लगी थी और उसमें सफल रही। आमरण अनशनकारी रामबरन ने सवाल किया कि जिस वक्त मेरे पुत्र की हत्या के दो आरोपी पकड़े गये थे उस दौरान पुलिस का कहना था कि सिम व अन्य दस्तावेजों को आरोपी ने जला दिया है। अब आरोपी के कब्जे से आधार कार्ड वगैरह दस्तावेज कहां से मिले। कहीं न कहीं पुलिस की भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध है। निष्पक्ष जांच करने में पीछे हट रही थी। जिस धारदार हथियार से हत्या की गई हमे उसे नहीं दिखाया गया है पुलिस जो भी दावा करे वह संदिग्ध है।

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