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रीवा संभाग में इस काम को लेकर दूसरे स्थान पर पहुंचा सीधी, 


दिसंबर माह में ग्रेडिंग में सुधार परिलक्षित 
सीधी– मप्र पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मासिक ग्रेडिंग में जिला पंचायत सीधी को रीवा संभाग में दूसरा स्थान मिला है। पहले स्थान में सतना, तीसरे स्थान में रीवा एवं सिंगरौली चौथे स्थान पर है। वहीं प्रदेश में जिला सीधी को 28 वीं रैंकिंग मिली है। दिसंबर 2020 माह के समाप्त होनें पर जिले की रैंकिंग में सुधार आया है। नवंबर 2020 में जिला  पंचायत सीधी की रैंकिंग 36 वीं थी। योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आनें के कारण रैंकिंग में एक माह में ही काफी सुधार हुआ है। जारी ग्रेडिंग में शामिल सभी घटकों में सुधार आया है।

खास तौर से नरेगा, एमडीएम, आवास, आजीविका, एसबीएम, एसआरएलएन, पंचायत, स्ट्रीट वेंडर आदि में काफी सुधार नजर आ रहा है। सबसे ज्यादा उपलब्धि नरेगा में सामने आई है। नरेगा में गत एक सप्ताह से 44 हजार श्रमिकों का नियोजन सीधी जिले में प्रति दिन किया जा रहा है। जो कि योजना प्रारंभ से अभी तक का सर्वोच्च रिकार्ड है। ग्राम पंचायतों में 15 वें वित्त की गाईडलाईन के अनुसार जल संवर्धन इत्यादि के कार्यों का चयन कर कार्य कराया जा रहा है। जिला एवं जनपद पंचायतों की कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं। दरअसल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित योजनाएं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी नरेगा, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-वाटर शेड, प्रधानमंत्री आवास योजना, मध्यान भोजन कार्यक्रम, स्वच्छ भारत मिशन, पंचायत सेक्टर(जीपीडीपी), सीएम हेल्पलाईन तथा मुख्यमंत्री स्ट्रीटवेंडर की माह के अंत में दिसंबर 2020 की जिलेवार एवं संभागवार प्रगति का आंकलन ग्रेडिंग प्रणाली के माध्यम से किया गया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा कमिश्रर एवं कलेक्टरों से कहा गया है कि अपने संभाग एवं जिलों की रैंक में सुधार हेतु योजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा करें जिससे आपका जिला एवं संभाग विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर स्थिति में आ सके। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में लेवर बजट के विरुद्ध उपलब्धि के लिए 20 अंक, समय से भुगतान 8 दिवस के अंदर के लिए 15 अंक, वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 के अपूर्ण कार्यों की सं या के लिए प्रति जनपद 10 अंक, लंबित, वर्तमान वर्ष 2020-21 एवं विगत वर्ष 2019-20 एवं 2018-19 के लिए 10 अंक के साथ ऋणात्मक अंक कार्यों की जीयो टेगिंग 10 अंक, सक्रिय श्रमिकों को रोजगार प्रदाय  10 अंक, सामग्री अनुपात 10 अंक, एनआरएम कार्यों पर व्यय का प्रतिशत 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। कुल 100 अंकों को ग्रेडिंग में शामिल किया गया है। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता के लिए 100 अंक प्रस्तावित हैं। 

योजनाओं के क्रियान्वयन का किया जा रहा है प्रयास कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सीधी हिमांशु तिवारी नें बताया कि विभाग द्वारा स्वीकृत किए गए निर्माण कार्यों के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में नव निर्मित गौ शाला, सुन्दूर सडक़, मु यमंत्री सडक़ योजना, फलोद्यान, खेत-तालाब, आदि के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करानें के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की विभाग द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। निर्माण कार्य गुणवत्तायुक्त पूर्ण हों इस पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होनें बताया कि जिले के श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध करानें के लिए पंचायत के प्रत्येक निर्माण कार्यो में मनरेगा योजना शामिल किया जा रहा है। 

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