शिवराज सरकार ने पूछा, कैसे हो गए तीन बच्चे? रीवा संभाग के 1100 शिक्षकों में मचा हड़कंप, कार्यवाही की हो रही तैयारी

संभाग स्तर पर शिक्षा विभाग के 11 सौ से अधिक अधिकारी, कर्मचारी व शिक्षक तीन बच्चों के मामले में सूचीबद्ध हैं.तो अकेले रीवा जिले में करीब 650 शिक्षकों के बारे में ऐसा बताया जा रहा है. लेकिन अभी तक उन्हें कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है।

MP School News : मध्यप्रदेश के तीन संतान वाले शिक्षकों की सेवा समाप्ति की कार्यवाही शुरू हो गई है। इस संबंध में विदिशा में 955 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिसके बाद पूरे प्रदेश के शिक्षकों में हड़कंप मच गया है । मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा विभाग में तीन बच्चों वाले बच्चों के मामले की जांच की जा रही है. विशेष रूप से तीन बच्चों वाले शिक्षक पूरी तरह से दायरे में हैं

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार रीवा संभाग के 11 सौ से अधिक शिक्षकों की सूची तैयार की गई है. जिन पर कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है. विभागीय सूत्रों के अनुसार संभाग स्तर पर शिक्षा विभाग के 11 सौ से अधिक अधिकारी, कर्मचारी व शिक्षक तीन बच्चों के मामले में सूचीबद्ध हैं.तो अकेले रीवा जिले में करीब 650 शिक्षकों के बारे में ऐसा बताया जा रहा है. लेकिन अभी तक उन्हें कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। इतना ही नहीं कई अफसर भी इस दायरे में फंसे हुए हैं। इसके चलते इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन विदिशा जिले में जिस तरह से कार्रवाई की गई है, यहां भी कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया गया है.

अकेले रीवा जिले में करीब 650 शिक्षकों के बारे में बताया जा रहा है। लेकिन अभी तक उन्हें कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। इतना ही नहीं कई अफसर भी इस दायरे में फंसे हुए हैं। इसके चलते इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन विदिशा जिले में जिस तरह से कार्रवाई की गई है, यहां भी कार्य योजना तैयार की गई है।

जबकि संयुक्त संचालक लोक शिक्षा द्वारा माध्यमिक शिक्षकों एवं अन्य शिक्षकों एवं बाबू स्तर के कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। इतना ही नहीं प्राथमिक सहायक शिक्षकों के खिलाफ बीईओ कार्यालय से कार्रवाई की जानी है. इसके लिए उन्हें नियोक्ता माना जाता है। हालांकि तीनों स्तरों पर यह कार्रवाई कब होगी, इस पर स्कूल शिक्षा विभाग संज्ञान नहीं ले रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2001 के बाद से सरकारी कर्मचारियों के तीन बच्चे होने का मामला राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। विधानसभा में यह मामला आने के बाद से मामला तूल पकड़ चुका है और स्कूली शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

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