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सिंगरौली में संबल योजना में फर्जीवाड़ा कर निकाले 2 लाख 5 हजार रुपए,नगर निगम कर्मचारी सहित तीन गिरफ्तार,

सिंगरौली -प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी संबल योजना में फर्जीवाड़ा कर दो लाख 5 हजार रुपए की राशि निकालने वाले नगर निगम के दो कर्मचारी सहित तीन को नवानगर पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। दरअसल संबल योजना में फर्जीवाड़ा कर नगर निगम क्षेत्र भरुहा निवासी एक विधवा महिला के नाम पर दूसरी महिला को लाभ दिलाने के आरोप में नगर निगम के 2 कर्मचारियों सहित इन लोगों को नवानगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

बता दें कि भरूहा निवासी महिला सुनीता यादव के पति अशोक यादव की मौत 2018 में हो गई थी। लेकिन उसका संबल योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं था इसके बावजूद नगर निगम के वार्ड प्रभारी मुरलीधर वर्मा कंप्यूटर ऑपरेटर संतोष सा ने महिला के साथ मिलीभगत करते हुए फर्जीवाड़ा कर दो लाख 5 हजार रुपए की राशि का भुगतान करा लिया था मामले का खुलासा तब हुआ जब नंद गांव निवासी जीवित अशोक कुमार पटवा ने नगर निगम अधिकारियों से इस पूरे मामले की शिकायत की।

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पीड़ित पटवा की शिकायत के बाद इस मामले को नगर निगम ने पुलिस को दे दिया था जहां थाना प्रभारी यूपी सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच में मिला कि अशोक कुमार पटवा का संबल योजना में रजिस्ट्रेशन था मृतक का नाम भी अशोक यादव था इसके बाद आरोपियों ने अशोक पटवा के रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल करते हुए अशोक यादव की विधवा पत्नी सुनीता यादव के दस्तावेजों में हेरफेर करके प्रकरण तैयार कर योजना का लाभ ले लिया था। पुलिस अब वार्ड प्रभारी मुरली धर वर्मा कंप्यूटर ऑपरेटर संतोष साह व महिला सुनीता यादव के विरुद्धध भारतीय दंड संहिता की धारा 420,467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज कर  जांच शुरू की थी ।

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जांच हुई तो कई बड़े होंगे खुलासे सिंगरौली जिले में संबल योजना में जमकर धांधली हुई है यह तो एक वांनगी थी। जहां सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो पाई है।जिले में जीवित को मृत्यु दिखाकर संभल व कर्मकार योजना के तहत मिलने वाली राशि में बंदरबांट करने की अनियमितता नगर निगम सहित तीनों जनपद पंचायतों में धांधली हुई है लेकिन  खुलासा होने के बावजूद अधिकारी दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं करते दिखाई देते। यदि जनपद पंचायत व नगर निगम में संबल योजना के निराकृत प्रकरणों की निष्पक्ष जांच की जाए तो फर्जीवाड़े की दर्जनों घटनाएं सामने आ सकती हैं।

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