1672.25 करोड़ की रिहन्द सूक्ष्म सिंचाई परियोजना स्वीकृति,38 हजार हे.भूमि होगी सिंचित, 113 गांवों को मिलेगा लाभ

1672.25 करोड़ की लागत की रिहन्द सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्र भूमि सिंचित होगी और 113 गांवों को सिंचाई का लाभ मिलेगा।

सिंगरौली 12 अपै्रल। रिहंद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद सिंगरौली विधायक रामलल्लू बैस ने प्रदेश के मुखिया के प्रति आभार जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस तरह से जिले के किसानों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए 1672.25 करोड़ रूपये के इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति प्रदान की है। उससे जिले के किसानों में खुशी की लहर है। जल्द ही प्रोजेक्ट के शुरू किये जाने को लेकर टेण्डर की प्रक्रिया भी जारी की जायेगी। उक्त बातें सिंगरौली विधायक रामलल्लू बैस अपने कार्यालय में पत्रकारवार्ता के दौरान बोल रहे थे।


विधायक ने आगे बताया कि इस सिंचाई परियोजना के माध्यम से तहसील सिंगरौली के 59 ग्रामों की कुल सीसीए 19243 हेक्टेयर में तथा माड़ा तहसील के 54 ग्रामों की कुल सीसीए 18757 हे.क्षेत्रफल में सिंचाई प्रस्तावित है। इस प्रकार सिंगरौली जिले में कुल 113 ग्रामों की 38 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा किसानों को प्राप्त होगी। इस योजना के अंतर्गत गुलरिहा में खटखरिया के पास इंटेक स्ट्रक्चर निर्माण पर गोविंद बल्लभ पंत सागर परियोजना से म.प्र.के हिस्से की आवंटित जल की मात्रा 0.78 मिलियन एकड़ फीट में से 0.113 मिलियन एकड़ फीट का उपयोग किया जायेगा। गोंविद बल्लभ पंत सागर परियोजना से पानी को लिफ्ट कर डिस्ट्रिब्यूशन चेम्बर तथा पाईप के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाकर सिंचाई उपलब्ध करायी जायेगी। जिससे किसानों के उपार्जन की आय दोगुना होने के साथ उनका रकवा भी बढ़ जायेगा। जिसके लिए आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कैबिनेट की बैठक में प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दे दी है। विधायक ने आगे कहा कि निश्चित रूप से यह परियोजना जिले के लिए अत्यंत आवश्यक थी जो काफी दिनों से विचाराधीन थी। इस परियोजना की स्वीकृति मिलने के बाद जहां जिले के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं किसानों को सिंचाई में आने वालीे दिक्कतों से निजात मिलेगी। इस दौरान भाजपा वरिष्ठ नेता गिरीश द्विवेदी, ननि पूर्व अध्यक्ष चन्द्र प्रताप विश्वकर्मा, पूर्व पार्षद डीएन शुक्ला, वरिष्ठ नेता रामबृज चौरसिया, लालबाबू बैस, मुकेश तिवारी, नीरज चौबे सहित अन्य मौजूद रहे।

दो वर्ष में एनएच 39 का कार्य हो जायेगा पूर्ण
विधायक ने मीडिया कर्मियों के सवालों का जबाव देते हुए कहा कि उनका अगला लक्ष्य परसौना से लेकर शक्तिनगर बाईपास सड़क निर्माण कार्य को स्वीकृति कराने का है। अभी तक माइनिंग, मेडिकल व रिहंद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना जो बड़े प्रोजेक्ट थे मुख्यमंत्री ने जिले वासियों को सौगात के रूप में पूरा कर चुके हैं। जल्द ही इसके टेण्डर की प्रक्रिया शुरू कराकर निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू होगी। एनएच-39 सड़क मार्ग के सवाल पर उन्होंने कहा कि संविदाकार के द्वारा कार्य किया जा रहा है यह बात सत्य है कि प्रगति धीमी है, लेकिन पूरी उम्मीद है कि अगले दो वर्षों में एनएच-39 पूरी तरह से बनकर तैयार हो जायेगी।

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