गरीब मजदूरों से ट्रेन का किराया वसूलना एवं शराब की दुकानें खोलना निंदनीय-अमित द्विवेदी - विंध्य न्यूज़

भाजपा का दोहरा चरित्र जनता के सामने, मजदूरों के रेलवे का किराया देने के लिए सरकार के पास पैसा नहीं जबकि बड़े उद्योगपतियों के 68000 हजार करोड़ों का कर्ज किया माफ

सिंगरौली– कोरोना बीमारी से विश्व के साथ पूरा भारत देश भी जूझ रहा है पूरे देश में असंगठित कामगार मजदूरों को अपने गृह ग्राम वापस लाने के लिए कई प्रयास किए गए,कांग्रेस की अपील पर केंद्र सरकार ने अंततः रेल के माध्यम से उन गरीब मजदूरों को घर-घर पहुंचाने का फैसला लिया। मगर उन गरीबों से भी केंद्र सरकार द्वारा गरीब मजदूरों से रेलवे मंत्रालय द्वारा किराया वसूला गया है। गरीबों मजदूरों को रेलवे के किराए का भुगतान अब कांग्रेस पार्टी करेगी। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी प्रदेश अध्यक्षों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि गरीबों के किराए का भुगतान कांग्रेस पार्टी अपने पार्टी फंड व व्यक्तिगत सहयोग से करें उक्त बातें मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अमित द्विवेदी ने कही साथ ही श्री द्विवेदी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 17 दिन के लाक डाउन बढ़ाने के बावजूद भी शराब की दुकानों को खोलने का फरमान जारी कर दिया है निंदनीय है।

अमित द्विवेदी ने आगे कहा कि शराब की दुकान खोलने से घरेलू हिंसा व अमन चैन खतरे में पड़ जाएगा साथ ही शराब दुकान खुलने से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाएगा और कोरोना महामारी फैलने की संभावना बढ़ जाएगी, एक तरफ गरीब मजदूरों के खाते में ₹1000 डालने की बातें भाजपा कर रही है वहीं दूसरी शराब की दुकान खोलना अनुचित कदम है सरकार को अपने फैसले में बदलाव करने की आवश्यकता है इसलिये भाजपा सरकार के कथनी और करनी में भारी अंतर है। मुंह में राम बगल में छुरी की बात चरितार्थ होती है, मध्यप्रदेश में विधायक खरीदने के लिए बीजेपी के पास करोड़ों अरबों रुपए हैं मगर मजदूरों के रेल का किराया देने के लिये 300 से 500 सौ रुपये नही थे, बड़े उद्योगपतियों के 68000 करोड़ों का कर्ज सरकार ने माफ कर कर सकती है। मगर गरीब के लिए किराए देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं बचे है, जनता सब कुछ देख रही है और मध्य प्रदेश में 24 विधानसभा उपचुनाव में जनता अपना फैसला जनता सुनाएगी।

1 thought on “गरीब मजदूरों से ट्रेन का किराया वसूलना एवं शराब की दुकानें खोलना निंदनीय-अमित द्विवेदी

  1. Its like you read my mind! You appear to know a lot about this, like you wrote the book in it or something. I think that you can do with a few pics to drive the message home a bit, but instead of that, this is wonderful blog. A fantastic read. I will certainly be back.

Comments are closed.