PM मोदी जनजाति गौरव दिवस मनाने भोपाल पहुचें,आदिवासी थीम पर पीएम का होगा स्वागत, पीएम झाबुआ की पहनेंगे जैकेट

प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी एयरप्लेन पहुंचा भोपाल के धरती में पहुचा । गांधी में उनका प्लेन धीरे-धीरे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्लेन रनवे पर रुक चुका है। स्टेट हैंगर में मुख्यमंत्री सहित राज्यपाल पीएम मोदी का इंतजार कर रहे हैं। । पीएम मोदी का आदिवासी थीम पर स्वागत किया जाएगा। पगड़ी पहनाकर जोबट से बनकर आया तीर कमान सौंपा जाएगा। इस दौरान में झाबुआ से पानी जैकेट भी पहनेंगे। वे अमर शहीद बिरसा मुंडा की जयंती पर जंबूरी मैदान में जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल होंगे। वे आदिवासियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। इसके बाद वे पीपीपी मॉडल पर 100 करोड़ रुपए में विकसित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का लोकार्पण करेंगे। मोदी भोपाल में करीब 4 घंटै रहेंगे।

बता दे कि थोड़ी देर में आदिवासी जनजाति गौरव उत्सव के रूप में मनाने के लिए पीएम मोदी भोपाल पहुंच रहे हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान व राज्यपाल मंगू भाई पीएम के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं। जंबूरी मैदान पर भाजपा समर्थकों और आदिवासियों का आना शुरू हो गया है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में पूरे राज्य से करीब ढाई लाख आदिवासी आ सकते हैं। जंबूरी मैदान में आदिवासी पीएम से मिलने के लिए उत्साहित हैं। वे नाच-गा रहे हैं। जनजातीय समुदाय प्रकृति के साथ चलता है प्रकृति की संरचना के आधार पर अपने जीवन को चलाता है वह अपने जीवन में ही प्रकृति को पाता है इसीलिए जनजातियों का प्रकृति से अटूट संबंध है। यह संस्कृति विलुप्त होती जा रही है लेकिन पीएम मोदी ने एक बार फिर इस संस्कृति को गौरव दिवस में मना कर संरक्षित करने का काम कर रही है।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से पीएम विजिट की वजह से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के आसपास की सभी दुकानें बंद हैं। हबीबगंज अंडरब्रिज से आगे का रास्ता बंद कर दिया गया है। गोविंदपुरा भेल से अवधपुरी चौक और बोर्ड ऑफिस से रानी कमलापति स्टेशन तक का रास्ता बंद है। रानी कमलापति (पुराना नाम हबीबगंज) रेलवे स्टेशन पर भी तगड़ी सुरक्षा है। बसों का रूट बदल जाने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। ऑटोवाले दोगुना किराया ले रहे हैं। इससे ज्यादातर लोग पैदल ही रास्ता तय कर रहे हैं। बिरसा मुंडा भगवान थे वह जीव,जंतु, पक्षी, पेड़ पौधों से बात करते थे। वह सामान्य व्यक्ति नहीं थे वह प्रकृत के इतने करीब हैं कि उन्हें भगवान बिरसा मुंडा के नाम से जाना जाता है।

मध्य प्रदेश के करीब 87 आदिवासी बाहुल्य सीटों को साधने का भाजपा ने बड़ा प्रयास किया है गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि आदिवासी गौरव दिवस को कांग्रेस ने कभी नहीं मनाया। कांग्रेश आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक तक मानती रहिए आज जब आदिवासियों को उनका सम्मान भाजपा दे रही है तो कांग्रेसियों की पेट में दर्द शुरू हो गया है आदिवासियों के इस गौरव दिवस पर ना तो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने और ना ही कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने ट्वीट तक नहीं किया यह उनकी मानसिकता को दिखाता है। आदिवासी जनजाति समाज प्रकृति को अपने मां-बाप की तरह लगाव रखता है।

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