Sidhi : दो दिनों में 8 हजार स्कूली बच्चों को लगा कोविड टीका,स्कूलों में 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को लग रहा टीका

आरंभ के दो दिनों में बुधवार व गुरूवार को ही 8 हजार बच्चों का वैक्सीनेशन कार्य पूर्ण कर लिया गया। कोर्बेवैक्स वैक्सीनेशन को लेकर बच्चों में काफी उत्साह नजर आ रहा है। स्कूलों में वैक्सीनेशन का कार्य तो शुरू हो गया है लेकिन परीक्षाएं चलने से बच्चों की उपस्थिति कम दर्ज हो रही है।

सीधी– कोरोना से जंग लडऩे में वैक्सीन बड़ा हथियार सावित हुआ है। अब लोग भी समझ चुके हैं कि कोरोना के खतरे से बचना है तो प्राथमिकता के साथ वैक्सीनेशन कराना ही विकल्प है। सरकार द्वारा आरंभ में 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाने का कार्य शुरू किया गया था। वैक्सीन की दोनों डोज लगवान में भी अधिकांश लोगों ने उत्साह दिखाया। वहीं 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को वैक्सीन की तीसरी डोज भी लगाई जा रही है।

स्कूली बच्चों को कोरोना के खतरे से बचाने के लिए प्रथम चरण में 15 वर्ष से ऊपर के बच्चों का वैक्सीनेशन किया गया। अब दूसरे चरण में 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। जिले में उक्त आयु वर्ग के चिन्हित 50 हजार बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जानी है। आरंभ के दो दिनों में बुधवार व गुरूवार को ही 8 हजार बच्चों का वैक्सीनेशन कार्य पूर्ण कर लिया गया। कोर्बेवैक्स वैक्सीनेशन को लेकर बच्चों में काफी उत्साह नजर आ रहा है। स्कूलों में वैक्सीनेशन का कार्य तो शुरू हो गया है लेकिन परीक्षाएं चलने से बच्चों की उपस्थिति कम दर्ज हो रही है।

बताते चलें कि सीधी जिले में 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के वैक्सीनेशन के जिले भर में शासकीय और अशासकीय शिक्षण संस्थानों सहित स्वास्थ्य केन्द्रों का वैक्सीन लगाने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान उक्त आयु वर्ग के लगभग 50 हजार बच्चों को टीका लगाकर उन्हे कोरोना के खतरे से सुरक्षित करने का लक्ष्य है। अच्छी व्यवस्थाओं के कारण वैक्सीनेशन शुरू होने के दो दिनों के दौरान ही लक्ष्य के विरूद्ध 8 हजार बच्चों को वैक्सीन की प्रथम डोज लगाई जा चुकी है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. नागेन्द्र दुबे ने बताया कि 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के जिले में लगभग 50 हजार बच्चों को कोर्बेवेक्स वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य निर्धारित है। बुधवार और गुरूवार को कुल 8 हजार बच्चों का वैक्सीनेशन कार्य सफलता पूर्वक पूर्ण किया गया है। अधिकांश स्कूलों में दर्ज संख्या के विरूद्ध नाम मात्र की संख्या में बच्चों की उपस्थिति रहने से वैक्सीनेशन का आंकड़ा पिछड़ा है। वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने के लिए स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए संस्था प्रमुखों से कहा गया है जिससे 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को वैक्सीन की डोज लग सके।

28 दिन बाद लगेगा बच्चों को बुस्टर डोज

जिले की स्कूलों में 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के चल रहे टीकाकरण में अभी तक 8 हजार बच्चों को दो दिनों में कोर्बेवेक्स वैक्सीन की प्रथम डोज लगाई जा चुकी है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. नागेन्द्र दुबे ने बताया कि बच्चों को नई वैक्सीन कोर्बेवेक्स का 05 एमएल पहला डोज दिया जा रहा है। वहीं जिन बच्चों को वैक्सीन की प्रथम डोज लग चुकी है उन्हे अगले 28 दिन बाद इस वैक्सीन का बुस्टर डोज लगाया जाएगा। केन्द्र पर वैक्सीनेशन के लिए बच्चों को सबसे पहले दस्तावेज सत्यापन कराना पड़ता है। इसके बाद ही बच्चों का वैक्सीनेशन किया जाता है। वैक्सीन की डोज लगने के बाद बच्चों को आधे घंटे तक रोका जाता है। इस दौरान उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जाती है। यदि किसी बच्चे को वैक्सीन की डोज लगने के बाद कोई समस्या आती है तो उसका तत्काल उपचार सुनिश्चित करने की व्यवस्था बनाई गई है। अभी तक दो दिनों में 8 हजार बच्चों को वैक्सीन की प्रथम डोज लग चुकी है। वैक्सीन लगने के बाद किसी भी बच्चे को किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई है। ये वैक्सीन बच्चों को कोरोना के खतरे से बचाने के लिए बड़ा कवच है। इस वजह से इसको प्राथमिकता के साथ लगाया जा रहा है।

स्कूलों में वैक्सीनेशन को लेकर किए गए इंतजाम

स्कूलों में बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। यह अवश्य है कि अभी तक ज्यादातर स्कूलों में स्वास्थ्य विभाग की टीम स्वत: वैक्सीनेशन के लिए नहीं पहुंची है। शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों की संख्या काफी ज्यादा है। इस वजह से स्कूलों में 12 से 14 वर्ष आयु के बच्चों का वैक्सीनेशन शत प्रतिशत करने में अभी समय लगेगा। वर्तमान में स्कूलों में परीक्षाएं भी चल रही हैं। जिसके चलते बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत नहीं है। अलग-अलग कक्षाओं की परीक्षाएं अगले महीने से शुरू होने वाली है इस वजह से एक साथ सभी बच्चों की उपस्थिति संभव नहीं लगती। फिर भी ये माना जा रहा है कि 1 मई से नए सत्र के आरंभ होने के बाद बच्चों की कुछ उपस्थिति बढ़ेगी। बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति जुलाई महीने से ही होना माना जा रहा है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि इस बीच ज्यादा से ज्यादा बच्चों को वैक्सीन की डोज लगाई जाय। बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को भी अपनी टीमों को पूरी तरह से सक्रिय करना चाहिए जिससे ज्यादा से ज्यादा स्कूलों में टीम पहुंचकर मिलने वाले बच्चों को वैक्सीन की डोज लगा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी वैक्सीनेशन का कार्य काफी धीमा है।

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