weather Alert: मध्य प्रदेश के REWA और SAGAR संभाग में भारी बारिश की चेतावनी

रीवा — पिछले तीन दिनों से गहरा कम दबाव का क्षेत्र उत्तरी मप्र पर बना हुआ है। जिसके चलते रीवा, सागर संभाग के जिलों में कही कही बारिश हो रही है। वर्तमान में भी सिस्टम अपने स्थान पर स्थिर बना हुआ है, लेकिन कुछ कमजोर पडक़र कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शुक्रवार को रीवा, सागर संभाग के जिलों में बारिश का होने के आसार हैं। विशेषकर रीवा और सीधी,सिंगरौली में अति वृष्टि होने की भी आशंका है। भोपाल, उज्जैन, जबलपुर संभाग के जिलों में भी रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ेंगी। बादल छाए रहने से अधिकतम तापमान में गिरावट बरकरार रहेगी।

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक गुना में 45, पचमढ़ी में 19, रायसेन में 14, बैतूल में 11, भोपाल में आठ, मंडला में पांच, सागर में चार, ग्वालियर 3.9, नौगांव में तीन, होशंगाबाद में तीन, छिंदवाड़ा में दो, इंदौर में 1.2, दमोह में एक, धार में 0.7, जबलपुर में 0.6 मिलीमीटर बारिश हुई।बता दें कि मप्र में गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 547.4 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है जो सामान्य (491.6 मिमी.) की तुलना में 11 फीसद अधिक है।

साहा के मुताबिक उत्तर-पश्चिम मप्र पर बने सिस्टम के पहले राजस्थान की तरफ बढ़ने की संभावना थी, लेकिन अब यह पूर्वी दिशा की तरफ बढ़ने लगा है। इसी क्रम में यह सिस्टम वर्तमान में उत्तरी मप्र के मध्य में सक्रिय है।बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण यह सिस्टम लगातार मजबूत स्थिति में है। इसके प्रभाव से शुक्रवार को रीवा, सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। इसके अतिरिक्त उज्जैन, भोपाल, होशंगाबाद, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर संभाग के जिलों में रुक-रुक कर बौछारें पड़ने के आसार हैं।

तीन सिस्टम हैं सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में उत्तरी मप्र के मध्य में एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। मानसून ट्रफ भी कम दबाव के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। पाकिस्तान पर एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है।इस तरह इन तीन वेदर सिस्टम के सक्रिय रहने से बारिश का सिलसिला बना हुआ है। साथ ही औसत 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी भी आ रही है। इससे राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में रुक-रुक बौछारें पडऩे की संभावना है।

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