उत्तर प्रदेश

योगी सरकार ने तय किया 100 दिन का एजेंडा,लगेंगे रोजगार मेला,मिलेगी बंपर सरकारी नौकरियां

योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन का एजेंडा तय कर लिया है. सीएम योगी ने इस दौरान करीब 20 हजार खाली सरकारी पदों को भरने और राज्य के 50 हजार से अधिक बेरोजगार लोगों को स्वरोजगार के अवसर मुहैया कराना है। साथ ही बंधुआ मजदूरों की पहचान के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा।

Lucknow ।योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Sarkar 2.0) ने बीजेपी की ओर से विधानसभा चुनावों को लेकर जारी लोक कल्याण संकल्प पत्र में किए गए वादों पर अमल करना शुरू कर दिया है. योगी सरकार अब बेरोजगारों को सरकारी नौकरियां (Government Job in UP) और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर फोकस कर रही है.

बता दे कि योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में श्रम एवं रोजगार विभाग 90 रोजगार मेलों के माध्यम से 25000 बेरोजगार उम्मीदवारों को निजी क्षेत्र में रोजगार देगा. जबकि 600 करियर काउंसलिंग कार्यक्रमों के माध्यम से 50,000 प्रतिभागियों को काउंसलिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी।श्रम एवं रोजगार विभाग अगले 100 दिनों में सेवामित्र पोर्टल पर 4000 कुशल श्रमिकों का पंजीकरण किया जाएगा और 1350 नागरिकों को घरेलू सेवाएं प्रदान की जाएंगी। बंधुआ मजदूरों की पहचान के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा।

बीमित एवं उनके आश्रितों के स्व-उपचार पर व्यय किये गये 13.48 करोड़ रुपये के 5384 लंबित प्रतिपूर्ति दावों का भुगतान कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा। बीमाधारक को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम के सहयोग से सभी औषधालयों और अस्पतालों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। नए किराए के भवनों में जर्जर भवनों में संचालित 32 औषधालय स्थापित किए जाएंगे।

ईज ऑफ लिविंग के तहत ऑनलाइन प्रदान की जाने वाली 35 सेवाओं को सात सेवाओं में समेकित किया जाएगा। इससे विभिन्न उद्योगों और व्यवसायों को श्रम कानूनों के तहत पंजीकरण और लाइसेंस प्राप्त करने में काफी सुविधा होगी और उनका समय बर्बाद नहीं होगा। उत्तर प्रदेश औद्योगिक आवास अधिनियम, 1955 के तहत एक राज्य सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा जो औद्योगिक श्रमिकों की बस्तियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को हल करने में सक्षम होगी।

मुख्यमंत्री ने अपने अधिकारियों से यह बात भी साफ कर दी है कि यह पूरी चयन प्रकिया बीते पांच वर्षों की तरह ही बिल्कुल निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए. नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के उच्च मानक स्थापित करने को लेकर उनकी सरकार की तारीफ भी होती है.

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