सीधी

Sidhi : रेत खनन से बने गड्ढे के पानी में डूबा युवक,हुई मौत,पुलिस रेत ठेकेदार को बचाने में जुटी!

रेत ठेकेदार के इशारे पर जिस कर्मचारी ने सोन नदी का सीना छलनी कर के खाई नुमा गड्ढा बना दिया था उसी खाइ नुमा गड्ढे में फिसल कर कर्मचारी की मौत होने का मामला सामने आया है।

सीधी- जिले में बड़ी संख्या में खनिज खदाने हैं. यहां कानूनी प्रतिबंधों और एनजीटी के आदेशों को अनदेखा कर मशीनों से अवैध खनन का काम सालों से होता आ रहा है. हालांकि स्वीकृत पट्टों से प्रदेश सरकार को बड़ा राजस्व पहुंचता है, लेकिन अवैध खनन से खोदे गड्ढे में एक युवक की मौत हो गई हैं। हलांकि युवक की मौत के बाद पुलिस पूरे मामले में पर्दा डालने का प्रयास शुरू कर दिया।

बता दे कि एनजीटी के नियमों को धज्जियां उड़ाकर रेत ठेकेदार के द्वारा सोन नदी में रेत का अवैध उत्खनन किया जाता है जिस पर खनिज विभाग सहित सत्ता पक्ष के नेता एवं विपक्ष भी मलाई खाने में मशगूल है. कहते हैं कि दूसरे के लिए गड्ढा मत खोदो वरना उसी में गिरोगे यह कहावत बिल्कुल रेत ठेकेदार के ऊपर फिट बैठी है। जहां रेत ठेकेदार के इशारे पर जिस कर्मचारी ने सोन नदी का सीना छलनी कर के खाई नुमा गड्ढा बना दिया था उसी खाइ नुमा गड्ढे में फिसल कर कर्मचारी की मौत होने का मामला सामने आया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सैनिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का रेत ठेका पूरे सीधी जिले में है जहां भूमिका खदान को छोड़कर अन्य जगहों पर कागजों में रेत खदान संचालित है लेकिन हकीकत में भूमिका में भी रेत माफियाओं के द्वारा रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। उत्खनन के दौरान रेत माफियाओं के इशारे पर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मझौली थाना अंतर्गत टिकरी सहायता केंद्र की भूमिका रेत खदान में जेसीबी मशीन में ड्राइविंग तथा हेल्परी कर रहे राज किशोर पटेल पिता श्रीमान पटेल उम्र 19 वर्ष बीते रविवार को भूमिका रेत खदान में ही नहा रहा था जहां नहाते समय पैर फिसल गया और खुद के खोदे गए खाई नुमा में गड्ढे में गिर गया जहां कर्मचारी की मौत हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक राजकिशोर नौढिया थाना अमिलिया का रहने वाला है पूरी मामले को लेकर पुलिस ने शव परीक्षण कर पीएम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।

बीते वर्ष भी हुई थी मौत

उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष भी गोतरा रेत खदान में एक ग्रामीण के डूब जाने से मौत हो गई थी जिस पर प्रशासन के द्वारा रेत माफियाओं को बचाने के लिए पूरे केस पर लीपापोती कर दिया था हालांकि इस पूरे मामले पर रेत ठेकेदार के द्वारा नियमों को दरकिनार कर खोदे गए खाई नुमा गड्ढे में मौत हो जाने पर गैर इदारत हत्या का मुकदमा दर्ज करना चाहिए था लेकिन सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का पूरे मामले पर लीपापोती की जा चुकी है।

Back to top button