नेवारी में डेढ़ वर्षीय मासूम की संदिग्ध मौत से हड़कंप, नरबलि की आशंका !


रातभर चली तलाश के बाद सुबह मिला शव, पुलिस जांच में जुटी


सिंगरौली। गढ़वा थाना क्षेत्र के बगदरा चौकी अंतर्गत ग्राम नेवारी से एक अत्यंत हृदयविदारक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। लगभग डेढ़ वर्ष की मासूम बच्ची प्रियांशु की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को शोक और आक्रोश में डुबो दिया है। बच्ची के पिता संतोष कुमार पनिका, माता शिवकुमारी और दादा हरिशंकर पनिका का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना से गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी मातम पसरा हुआ है।

परिजनों के अनुसार 22 फरवरी की सुबह करीब 8:30 बजे उसकी मां दूध पिलाकर घर से बाहर चली गई। कुछ देर बाद जब वह दिखाई नहीं दी, तो परिवार ने आसपास खोजबीन शुरू की। पहले परिजनों ने स्वयं उसे ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों को सूचना दी गई। देखते ही देखते पूरा गांव खोज अभियान में जुट गया। खेतों, खलिहानों, झाड़ियों , कुओं और गांव के आसपास के हर संभावित स्थान पर बच्ची की तलाश की गई। रातभर चले इस प्रयास के बावजूद बच्ची का कोई पता नहीं चल सका।

आज दिन सोमवार की सुबह करीब 6:30 बजे गांव के समीप संदिग्ध अवस्था में बच्ची का शव मिलने से हड़कंप मच गया। जैसे ही यह खबर फैली, गांव में कोहराम मच गया। मॉ का विलाप और परिजनों की चीख-पुकार ने माहौल को गमगीन कर दिया। सूचना मिलते ही बगदरा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

नरबलि जैसी घटना तो नहीं

प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो मासूम के माथे में चंदन और बिंदी के साथ पैर में महावर जैसे रंग लगा हुआ नजर आ रहा है, ऐसे में संभावना जताई जा रही की कहीं नरबलि जैसी घटना तो नहीं फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच की जा रही है और आसपास के लोगों से पूछतांछ भी की जा रही है। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी छोटी बच्ची अचानक कैसे गायब हो गई, क्या यह सिर्फ लापरवाही का मामला है या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश छिपी है या फिर कोई नरबलि से जुड़ा मामला तो नहीं। गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर रहे सतर्क

यह दुखद घटना समाज के लिए भी एक चेतावनी है। छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर हर समय सतर्क रहना जरूरी है। गांव और मोहल्ले में आपसी सहयोग और निगरानी की भावना को मजबूत करना होगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देना आवश्यक है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाने की भी जरूरत है। मासूम प्रियांशु की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। यह घटना सभी के लिए एक सबक है कि बच्चों की सुरक्षा में जरा सी भी चूक भारी पड़ सकती है। समाज को एकजुट होकर संकल्प लेना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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