सिंगरौली : जिले में स्वास्थ्य ढांचे और निर्माण कार्यों की रफ्तार पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिले के कलेक्टर गौरव बैनल ने बरगवां क्षेत्र का दौरा कर निर्माणाधीन 50 बेड सिविल अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ संदेश दिया कि गुणवत्ता और समयसीमा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बरगवां में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सिविल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की और संबंधित एजेंसी व कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने निर्माण सामग्री की नियमित लैब जांच सुनिश्चित करने को कहा और स्पष्ट चेतावनी दी कि देरी होने पर संबंधित संविदाकार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल परिसर में डम्प किए गए फ्लाई ऐश पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने तत्काल समतलीकरण और धूल नियंत्रण के लिए पानी के छिड़काव के निर्देश दिए। साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जल निगम के साथ समन्वय बनाकर ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।
इसके बाद कलेक्टर ने बरगवां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, एएनसी क्लीनिक, ड्रग स्टोर और पैथोलॉजी व्यवस्था का गहन अवलोकन कर अधिकारियों को कई सख्त निर्देश दिए। एनीमिया पीड़ित गर्भवती महिलाओं के उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने नियमित फॉलोअप और आयरन सुक्रोज की निर्धारित डोज समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को प्रभावी रूप से कम किया जा सके।
ड्रग स्टोर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ई-औषधि पोर्टल के माध्यम से दवाओं का व्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित करने, जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कमी होने पर तत्काल प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल वेस्ट का शत-प्रतिशत निस्तारण, रिकॉर्ड का सुव्यवस्थित संधारण और पैथोलॉजी सैंपलों के लिए मास्टर रजिस्टर तैयार करने पर भी जोर दिया। संक्रामक बीमारियों के मामलों में वृद्धि होने पर तत्काल सूचना देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर का यह दौरा प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। निर्माणाधीन अस्पताल से लेकर मातृ स्वास्थ्य सेवाओं तक, जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाकर प्रशासन ने संकेत दिया है कि जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थानीय स्तर पर इस सख्ती को लेकर लोगों में उम्मीद जगी है कि स्वास्थ्य सेवाओं में जल्द ही ठोस सुधार देखने को मिलेगा।