जेल से लौटा पति बोला, हम जिंदा हैं साहब, पत्नी कागजों में मृत दिखाकर ले रही विधवा पेंशन और गुजारा भत्ता

सिंगरौली : जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति अपने जिंदा होने का प्रमाण लेकर प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है। बैढ़न जनपद के करकोसा गांव निवासी चंद्रबली पटेल गले में “हम जिंदा हैं साहब” लिखी तख्ती लटकाकर एसपी कार्यालय और जिला पंचायत पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

चंद्रबली पटेल का आरोप है कि उनकी पहली पत्नी अंजोरिया देवी ने उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्शाकर विधवा पेंशन स्वीकृत करवा ली है। वहीं दूसरी ओर उनसे हर माह 5 हजार रुपये गुजारा भत्ता भी लिया जा रहा है। पीड़ित के अनुसार करीब 30 वर्ष पहले दोनों का विवाह हुआ था, लेकिन पारिवारिक विवाद के बाद वर्ष 2014 में अलगाव हो गया। पत्नी द्वारा दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराने के बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा। चंद्रबली का कहना है कि जब वह जेल में थे, उसी दौरान पंचायत स्तर पर सांठगांठ कर उन्हें मृत दिखाते हुए पत्नी ने विधवा पेंशन बनवा ली।

पीड़ित का दावा है कि गुजारा भत्ता चुकाने के लिए उन्हें अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी और अब तक लगभग 3 लाख 70 हजार रुपये दे चुके हैं। उनका सवाल है कि जब वह जीवित हैं तो उन्हें मृत घोषित कर सरकारी लाभ कैसे लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर की गई है और इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।चंद्रबली की पहली पत्नी से तीन संतान हैं। परिवारिक विवाद के कारण मामला लगातार उलझा हुआ है। पीड़ित का कहना है कि वह कई बार पुलिस और प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब प्रशासनिक जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं कि जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित कर सरकारी लाभ लेने के इस मामले में सच्चाई क्या सामने आती है।

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