CM Mohan Yadav सिंगरौली। सीएम मोहन यादव जी कोतवाली क्षेत्र के शहरी क्षेत्र से लेकर गांव की गली मोहल्लों में जमकर अवैध शराब बेची जा रही है ऐसे में छोटे-छोटे नाबालिक और युवा शराबी बन रहें हैं। इन युवाओं को शराबी बनने से बचा लीजिए। पुलिस और आबकारी विभाग अवैध कमाई के लिए अवैध शराब कारोबारी को बेचने के लिए खुली छूट दे दी है।
जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री चरम पर है जो जिले के शराब माफिया हैं सिर्फ उनके पास दुकान में शराब बेंचने की परमिशन मिली हुई है लेकिन जो शराब के ठेकेदार हैं अपने संबंधित क्षेत्र में ठेकेदारों का कनेक्शन गांव व शहरों तक जुड़ा हुआ है जो शराब ठेकेदारों के गुर्गे हैं चार पहियां व दो पहियां वाहनों से शराब की पैकारी कर उन छोटे-छोटे किराना व्यापारियों को पहुंचा रहे हैं। जहां अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से बिना रोक-टोक होती चली आ रही है। CM Mohan Yadav
जिले के पुलिस कप्तान तो बदल जाते हैं थाना के प्रभारी बदल जाते हैं लेकिन पुलिस विभाग व आबकारी विभाग में जो अवैध कारोबार का परंपरा चली आ रही है गांवों व शहरों में अवैध शराब परोसी जा रही है इन अवैध कारोबारियों पर अंकुश लगाने में पुलिस प्रशासन व आबकारी विभाग असफल रहा है ऐसा नहीं है कि जिले की पुलिस जिले की आबकारी विभाग को अवैध शराब कारोबार की जानकारी नहीं है इन विभागों को बखूबी जानकारी है इन विभागों के जिम्मेदार जानबूझकर अनजान बने रहते हैं और अनजान बनने का कारण सिर्फ यह है इनको महीने की चढ़ोतरी हर महीने समय पर शराब ठेकेदार द्वारा प्राप्त हो जाती है। CM Mohan Yadav
यही हाल कोतवाली से महज 2 किलो मीटर दूर कचनी मे देखा जा सकता है। जहा खुलेआम देसी शराब कोतवाली पुलिस के संरक्षण मे चल रही है। सूत्र तो दावा करते है कि पुलिस और आबकारी विभाग प्रति माह कमीशन ले रहा है। वही खुटार चौकी क्षेत्र मे लंबे अर्से से अवैध शराब के साथ गाँजा का कारोबार फल फूल रहा है। नवागत चौकी प्रभारी के जाने के वाद भी कसावट नही आ रही है। बताया जाता है कि हर ठिकानों से पुलिस को कमीशन मिल रहा है जिस वजह से पुलिस कार्यवाही करने से कतरा रही है। CM Mohan Yadav
निर्धारित दर से अधिक रेट में बेची जा रही शराब की बोतले
जिले में जो देसी विदेशी शराब की दुकानें संचालित है उन दुकानों पर रेट सूची उपलब्ध नहीं है नहीं ग्राहकों को बिल दी जाती है जो जिले के आबकारी अधिकारी हैं उनका काम है दुकान पर रेट सूची उपलब्ध करवाना और यदि कोई शराब दुकान का संचालक प्रिंट रेट से अधिक में शराब की बिक्री करें तो उन पर जिला आबकारी अधिकारी को बकायदा कार्यवाही करनी चाहिए लेकिन साहब ऐसा नहीं करेंगे और ऐसा इसलिए नहीं करेंगे की साहब का भी नजराना फिक्स है शराब दुकान का जो संचालक होता है जो शराब बिक्री में अवैध वसूली करता है वह अकेले उस राशि को नहीं हड़पता उसमें स्थानीय पुलिस व जिले के आबकारी विभाग का भी हिस्सा होता है। CM Mohan Yadav
शराब पीने वालों की आर्थिक स्थिति खराब,ऊपर से अवैध वसूली
आपको बता दें शराब पीने वाले परिवारों की आर्थिक स्थिति वैसे भी खराब होती है शराब की लत लग जाने से उनके घर परिवार पर बुरा प्रभाव पड़ता है इनका परिवार हमेशा पिछड़ता जाता है और उनके घरों में जो मासूम बच्चे होते हैं उनके शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ते हैं और शराब माफिया दुकान के संचालक इन ग्राहकों से अवैध वसूली कर गाढ़ी कमाई करने में जुट गए हैं अब देखना यह होगा क्या जिले का पुलिस प्रशासन व आबकारी महकमा गांवों,शहरों किराना व फुटपाथीं दुकानों में संचालित अवैध कुचिया सेंटर एवं शराब बिक्री अवैध वसूली पर लगाम लगा पायेगा या फिर इसी तरह शराब कारोबारियों के गुर्गों पर विभाग की मेहरबानी बनी रहेगी।
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