सिंगरौली में दबंगों का आतंक – घर पर हमला, बेटी को दे रहे शर्मनाक धमकी

सिंगरौली : जिले के बैढ़न थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिहरा में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाली घटना ने आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घर के बाहर पहुंचकर गाली-गलौज, मारपीट और नाबालिग बेटी को अपमानजनक व अमानवीय धमकियां दी गईं, लेकिन रिपोर्ट और मेडिकल परीक्षण के बावजूद पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जहां पीड़ित जनसुनवाई में पहुंचे कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई।

घटना 15 फरवरी 2025 की सुबह करीब 11:40 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित तुलसीदास पटेल के अनुसार, गांव के ही एक युवक ने उनके घर के सामने आकर विवाद शुरू किया। विरोध करने पर उनकी बेटी संगीता पटेल पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। बीच-बचाव करने पहुंचे पिता के साथ भी मारपीट की गई। इस हमले में बेटी की कलाई तथा पिता के सिर और गर्दन में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने तत्काल पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई और मेडिकल परीक्षण भी कराया।

परिवार का आरोप है कि मामला दर्ज होने और चिकित्सकीय प्रमाण होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इतना ही नहीं, घटना के बाद से लगातार फोन कर जान से मारने और छोटी बेटी को कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ने जैसी शर्मनाक धमकियां दी जा रही हैं। नाबालिग छात्रा रोज अकेले स्कूल आती-जाती है, जिससे परिवार गहरे भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। पुलिस की निष्क्रियता से आक्रोशित पीड़ित परिवार अब जनसुनवाई में पहुंचा और प्रशासन से सुरक्षा व सख्त कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों को बड़ी अनहोनी का डर

परिवार का कहना है कि आरोपी सरहंग प्रवृत्ति के हैं और समय रहते कदम न उठाया गया तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि व्यवस्था की संवेदनशीलता की भी परीक्षा बन गया है। सवाल साफ है, जब रिपोर्ट दर्ज हो, मेडिकल हो, फिर भी कार्रवाई न हो, तो आम नागरिक न्याय के लिए किस दरवाजे पर दस्तक दे। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह पीड़ितों को सुरक्षा और न्याय दिलाता है या दबंगई के आगे कानून फिर बेबस साबित होता है।

आलेख – प्रमोद चतुर्वेदी

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