आलेख – नवीन मिश्रा
Singrauli News सिंगरौली 1 जुलाई। ज़िले में शिक्षकों द्वारा 1 जुलाई से ई-अटेण्डेंस लगाये जाने का विरोध शुरू हो गया है। न्यू मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन संघ म.प्र. भोपाल के बैनर तले सिंगरौली के शिक्षको ने 7 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौपा है।
उक्त संगठन के जिला संरक्षक राजेश सावले, जिलाध्यक्ष राजकुमार यादव सहित अन्य शिक्षको ने 7 सूत्रीय मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां ई-अटेण्डेंस का विरोध करते इसे बंद कराने की मांग की है और ज्ञापन में कहा है कि सभी शिक्षको के पास स्मार्ट फोन नही हैं, अटेण्डेंस लगाने के लिए हर महीने 500 रूपये का रिचार्ज का सरकार भुगतान करे, सभी शिक्षको को एन्ड्रॉईड मोबाईल सरकार दे, किसी कारणवस 1 मिनट लेट शिक्षक पहुंचता है तो उसके लिए क्या प्रावधान है। सहित अन्य मांगे शामिल हैं.
शिक्षकों की मुख्य मांगें:
- स्मार्टफोन और रिचार्ज का पैसा कहा से आएं: सरकार सभी शिक्षकों को स्मार्टफोन और रिचार्ज की सुविधा प्रदान करे, क्योंकि सभी शिक्षकों के पास स्मार्टफोन नहीं है और रिचार्ज का खर्चा वहन करना मुश्किल है।
- विलंब के लिए प्रावधान : यदि कोई शिक्षक एक मिनट लेट पहुंचता है, तो उसके लिए क्या प्रावधान होगा? सरकार को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश देने चाहिए।
- सभी विभागों में समानता : ई-अटेंडेंस केवल शिक्षकों के लिए नहीं, बल्कि सभी विभागों में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
- वैकल्पिक व्यवस्था : ई-अटेंडेंस के साथ-साथ हस्ताक्षरयुक्त उपस्थिति रजिस्टर भी मान्य किया जाना चाहिए।
- तकनीकी गड़बड़ियों के लिए लचीलापन : तकनीकी समस्याओं के कारण शिक्षकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए लचीलापन होना आवश्यक है।
- हेल्पलाइन और शिकायत निवारण : शिक्षकों के लिए हेल्पलाइन और शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए।
- मानवीय दृष्टिकोण : ई-अटेंडेंस प्रणाली मानवीय दृष्टिकोण से लागू की जानी चाहिए, न कि मशीन की तरह।
शिक्षकों का कहना है कि जब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता, वे ई-अटेंडेंस का विरोध करते रहेंगे। अब देखना यह है कि सरकार शिक्षकों की मांगों पर क्या निर्णय लेती है।