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Doctor caught taking bribe : सीधी में डॉक्टर 20 हजार रुपए वहीं विदिशा में BRC 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ाया

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Doctor caught taking bribe : ईओडब्ल्यू टीम रीवा ने सीधी जिले के रामपुर नैकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को बीस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है. वहीं  विदिशा जिले के जनपद शिक्षा केन्द्र सिरोंज के बीआरसी को लोकायुक्त ने 15 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। डॉक्टर ने पीएम रिपोर्ट बनाने के एवज में रिश्वत की मांगी थी।

 

सीधी. ईओडब्ल्यू की टीम ने दबिश देकर रामपुर नैकिन के बीएमओ डॉ. प्रशांत तिवारी और सीएचसी के कर्मचारी प्रमोद कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट फरियादी के पक्ष में बनाने के एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बुधवार शाम को 20 हजार रुपए की पहली किस्त लेते पकड़े गए।डॉक्टर ने पीएम रिपोर्ट बनाने के एवज में रिश्वत की मांग किया था। इस कार्रवाई के बाद से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

बता दें कि पीड़ित परिजनों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता के रूप में चार लाख रुपए मिलने थे- इस मामले के फरियादी राजेश यादव के भाई सुरेश यादव की 18 अगस्त को पानी में डूबकर मौत हो गई थी. जहां परिजनों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता के रूप में चार लाख रुपए मिलने थे। इसके लिए डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जरूरत थी। बीएमओ डॉ. प्रशांत तिवारी ने रिपोर्ट पक्ष में बनाने के लिए 50 हजार रुपए की मांग की।

प्रमोद को रुपए देते ही ईओडब्ल्यू की टीम ने दी दबिश-

 

फरियादी बुधवार को पहली किस्त के 20 हजार रुपए डॉक्टर को देने गया तो उसने प्रमोद को रुपए देने को कहा। प्रमोद को रुपए देते ही ईओडब्ल्यू की टीम ने दबिश दे. ईओडब्ल्यू के इस कार्यवाही के बाद ना के बलरामपुर ब्लॉक में बल्कि पूरे जिले में हड़कंप मच गया हालांकि लोग इस कार्यवाही से काफी खुश नजर आ रहे हैं.

डॉक्टर नौकर के जरिए लेता था रिश्वत

डॉक्टर अपने को बचाए रखने के लिए नौकर से रिश्वत की लेन-देन कराता रहा। बुधवार को जैसे ही राजेश यादव पैसा लेकर पहुंचा तो डॉक्टर ने घर में खाना बनाने वाले प्रमोद कुशवाहा को रिश्वत देने को कहा, जैसे ही प्रमोद ने रिश्वत की राशि ली, उसी दौरान ईओडब्ल्यू ने रंगे हाथ दोनों को गिरफ्तार कर लिया। ईओडब्ल्यू की इस कार्यवाही के बाद डॉक्टर के पसीने छूटने लगे. न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

 

इनकी रही भूमिका :

रीवा ईओडब्ल्यू टीम में निरीक्षक अरविंद दुबे, निरीक्षक मोहित सक्सेना, निरीक्षक प्रवीन चतुर्वेदी, उपनिरीक्षक सीएल रावत, उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा, उपनिरीक्षक अभिषेक पांडे, उपनिरीक्षक गरिमा त्रिपाठी, एएसआई (एम) संतोष पांडे,

प्रधान आरक्षक सत्यनारायण मिश्रा, प्रधान आरक्षक पुष्पेंद्र पटेल,आरक्षक घनश्याम त्रिपाठी, आरक्षक धनंजय अग्निहोत्री, महिला आरक्षक पूर्णिमा सिंह, प्रधान आरक्षक चालक ओंकार शुक्ला, आरक्षक चालक संतोष मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही।

रिश्वतखोर बीआरसी का भंडाफोड़, रंगे हाथों लोकायुक्त ने किया गिरफ्तार,

विदिशा जिले के सिरोंज में जनपद शिक्षा केंद्र के बीआरसी नरेश रघुवंशी को लोकायुक्त टीम ने 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार  किया हैं. इधर सिरोंज में जनपद शिक्षा केंद्र के बीआरसी नरेश रघुवंशी को लोकायुक्त टीम ने 15 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। उसने बच्चों की फीस निकालने के एवज में रिश्वत मांगी थी.आरोपी BRC ने निजी स्कूल के संचालक से आरटीई में दाखिल बच्चों की फीस की राशि निकलवाने के लिए 25 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी।

दरअसल, राकेश शर्मा पिता जगदीश शर्मा सिरोंज में एक प्राइवेट स्कूल चलाते हैं। उन्होंने 12 सिंतबर को भोपाल लोकायुक्त के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत किया था कि पिछले दो सत्र की आरटीई में दाखिल बच्चों की फीस लगभग चार लाख रुपए निकलवाने के लिए सिरोंज के बीआरसी नरेश रघुवंशी 25 हजार रुपए मांग रहे हैं। जिसके बाद लोकायुक्त ने पूरे मामले की पड़ताल करते हुए बीआरसी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए योजना बनाई।

 

बता दें कि आज बुधवार को जैसे ही फरियादी ने बीआरसी को पहली किस्त के रूप में ₹15000 रुपए की रिश्वत दिया उसी दौरान भोपाल लोकायुक्त टीम वहां पहुंच गई और विकासखंड समन्वयक को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया इस कार्यवाही के बाद पूरे विदिशा जिले में हड़कंप मच गया फिलहाल जनपद शिक्षा केंद्र सिरोद में टीम आगे की कार्यवाही शुरू कर दी .इस मामले में कार्यालय में पदस्थ राकेश सोनी नामक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। उसके खिलाफ भी लोकायुक्त कार्रवाई कर रही है।

 

 

 

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