विधायक व उनका बेटा बना हिटलर! TI व SI ने स्वामीभक्ति दिखाने के लिए पत्रकार को किया अर्धनग्न

पत्रकार व यूट्यूब चैनल चलाने वाले को पुलिस ने पकड़ कर थाने में ना केवल अभद्रता की बल्कि उनके कपड़े उतारने के बाद ऐसी फ़ोटो उतारी और फिर उसे ख़ुद वायरल किया. पत्रकारों के हितो का दम भरते वाले कोई भी समूह इस घटना की ना तो निंदा की और ना ही विरोध के स्वर उठाए यह भी बड़ा सबाल हैं।

सीधी – कोतवाली थाना प्रभारी मनोज सोनी व इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह को विधायक केदार शुक्ला व उनकी बेटे गुरुदत्त शुक्ला को खुश करना भारी पड़ गया है थाना प्रभारी कि यह कृत्य एक बार फिर ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन की याद दिला दी थी. जी हां पत्रकार व यूट्यूब चैनल चलाने वाले को पुलिस ने पकड़ कर थाने में ना केवल अभद्रता की बल्कि उनके कपड़े उतारने के बाद ऐसी फ़ोटो उतारी और फिर उसे ख़ुद वायरल किया. पत्रकारों के हितो का दम भरते वाले कोई भी समूह इस घटना की ना तो निंदा की और ना ही विरोध के स्वर उठाए यह भी बड़ा सबाल हैं।

बता दें कि ट्विटर पर पत्रकार कनिष्क तिवारी की अर्धनग्न तस्वीर वायरल होने लगी तो पुलिस पर सफाई देने का दबाव बढ़ा.. थाना प्रभारी की भी “मासूम” सी सफाई आई कि थाने में कोई आत्महत्या न कर ले,लिहाज़ा ये नियम है कि कपड़े उतरवा लिए जाएं..यानी यदि कोई सत्तारूढ़ पार्टी या विपक्ष का बड़ा नेता थाने में किसी आरोप में बुलाया जाता है, तो क्या उसके कपड़े भी ऐसे ही उतरवाए जाते हैं..? इस सवाल का जवाब देने की ज़रूरत नहीं है,आप स्वयं समझदार हैं..ख़ैर.. ये मामला जैसे ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संज्ञान में आया उन्होंने टी आई सहित कुछ लोगों को सस्पेंड और लाइन अटैच करके जांच के निर्देश दे दिए..ये उनके स्वभाव के अनुरूप संवेदी निर्णय था..मगर पुलिस की ऐसी हरक़त बेहद आपत्तिजनक है. ये मानव अधिकार, निजता के अधिकार का हनन है.. दिलचस्प इसमें ये है कि “वित्त पोषित” कुछ पत्रकारों के संगठन इस पर मौन थे कल इसकी तिवारी को पत्रकार मानने से भी इंकार कर रहे थे जबकि जिले की हर छोटी-बड़ी समस्याओं को प्रमुखता से दिखाकर समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास कर रहे थे…. बजह जो कुछ भी रही हो उस पत्रकार का कुसूर जो भी रहा हो लेकिन उसे यूँ सरे आम नंगा करने की इजाज़त देश का कोई कानून नहीं देता..ख़ैर इस घटना की प्रतिक्रिया देर तक और दूर तक होती रहेगी, ये तय है..ये अमानुष और बर्बर कृत्य की श्रेणी में आता है।

थाना प्रभारी इस पूरे मामले को कुछ और ही रंग दे रहे हैं

इस पूरी घटना को थाना प्रभारी मनोज सोनी कुछ और ही रंग देने का प्रयास कर रहे हैं उनका तर्क है पुलिस प्रशासन स्थानीय विधायक केदार शुक्ला व सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ हो रहे धरना प्रदर्शन की अगुवाई पत्रकार कनिष्क तिवारी कर रहे थे जबकि यह आरोप बेबुनियाद है कनिष्क तिवारी ने बताया कि रंगमंच कर्मी नीरज कुंदर व उनके सहयोगी से काफी लंबे समय से उनकी जान पहचान थी और जब पुलिस नीरज कुंदर को थाने उठा ले आई। इस बात की जानकारी जब नीरज पुंडीर के परिजन व उनके सहयोगी कनिष्क तिवारी को दिए तो वह थाने जाकर गिरफ्तारी की वजह व कवरेज की दृष्टिकोण से वहां पहुंचे थे लेकिन थाना प्रभारी किसके इशारों पर वहां पर कनिष्क तिवारी पर भी अपराधियों जैसा सलूक करने लगे। पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया है कि गिरफ्तार करने के बाद थाना प्रभारी मनोज सोनी यह कहते रहे कि तुम पुलिस व विधायक के खिलाफ खबर चलाते हो। तुम्हारे ऊपर ऐसे गंभीर मामले पंजीबद्ध करूंगा कि अभी सिर्फ थाने में अर्धनग्न किया हूं बाद में अर्धनग्न कर पूरे शहर में जुलूस निकालूंगा।

सीधी विधायक पहले भी दर्ज करवा चुके हैं मामला

पत्रकार कनिष्क तिवारी ने आरोप लगाया है कि सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला पहले भी उनके खिलाफ थाने में मामला दर्ज करवा चुके हैं वह चाहते हैं कि सिर्फ उनके पक्ष की खबर दिखाई जाए लेकिन पत्रकार द्वारा लंबे समय से स्थानीय मुद्दों पर आम लोगों से राय लेते हुए खबर चला रहे थे खबरों से सीधी विधायक व उनके पुत्र प्रभु दत्त शुक्ला नाखुश थे वह मौके की तलाश में लिखें और जब उन्हें यह धरना प्रदर्शन आंदोलन मिला तो उनको चरण वंदन करने वाले अधिकारी विधायक को खुश करने के लिए कनिष्क तिवारी को ही अपराधी बनाकर जेल में अर्धनग्न कर अपने स्वामी भक्ति की नजीर पेश कर दी।

पुलिस गढ़ रही मनगढ़ंत कहानी

पत्रकार ने बताया कि पुलिस तर्क दे रही है कि वह धरना प्रदर्शन और आंदोलन करने वालों का नेतृत्व कर रहे थे लेकिन यह सरासर झूठ है पत्रकार कनिष्क तिवारी मौके पर पहुंच प्रदर्शन और आंदोलन की वजह जानने के प्रयास में थे वह कवरेज के लिए पहुंचे थे लेकिन अब पुलिस जब उन्हें गिरफ्तार कर थाने ले गई तो एक मनगढ़ंत कहानी करते हुए कहा जाने लगा कि धरना प्रदर्शन आंदोलन का नेतृत्व पत्रकार कर रहे थे लेकिन यह सरासर झूठ है खुद को घिरता देख थाना प्रभारी आनन-फानन में एक प्रेस वार्ता बुलाई और सफाई देने लगे कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से उन्होंने कपड़े उतरवाए लेकिन यह पब्लिक है सब जानती है।

विधायक व प्रशासन से जान बचाने की लगाई गुहार

पत्रकार कनिष्क तिवारी ने विन्ध्य न्यूज बात करते हुए अपनी व अपने परिवार की जान बचाने की गुहार लगाई है उन्होंने कहा कि विधायक के इशारे पर पुलिस उन्हें झूठे व संगीन अपराधों में फंसाने की फिराक में लगा हुआ है। इस घटना के बाद पूरा परिवार दहशत में पत्रकार को भी किसी बड़ी अनहोनी की आशंका है।

 

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