Singrauli : CBI ने रिश्वतखोर निरीक्षक को रिश्वत लेते रंगेहाथ किया गिरफ्तार

कोल माइंस प्राविडेंट फंड आर्गनाइजेशन (सीएमपीएफ) की आफिस एनसीएल निगाही क्षेत्र में स्थित है। बताया जा रहा है कि कोल कंपनी के एक कर्मचारी सीएमपीएफ का करीब 59 लाख रुपए प्राप्त करने के लिए दफ्तर का काफी समय से चक्कर लगा रहा था।

शक्तिनगर। सीबीआई जबलपुर की टीम ने छापेमारी कर रिश्वतखोर निरीक्षक को पकड़ लिया। कार्रवाई बृहस्पतिवार शाम हुई और देर रात तक टीम ने सीएमपीएफ दफ्तर के कागजात खंगालने का कार्य किया। टीम की मौजूदगी की सूचना से कोयला क्षेत्र में खलबली मच गई और जिम्मेदार अफसरों के मोबाइल बंद हो गए।

कोल माइंस प्राविडेंट फंड आर्गनाइजेशन (सीएमपीएफ) की आफिस एनसीएल निगाही क्षेत्र में स्थित है। बताया जा रहा है कि कोल कंपनी के एक कर्मचारी सीएमपीएफ का करीब 59 लाख रुपए प्राप्त करने के लिए दफ्तर का काफी समय से चक्कर लगा रहा था। रकम रिलीज करने के एवज में कर्मी से एक लाख रुपए की मांग की गई। मांग व अव्यवस्था से नाराज कर्मचारी ने इसकी शिकायत सीबीआई से की। टीम मांगे गए एक लाख रिश्वत के दस हजार रुपए संग सीएमपीएफ के निरीक्षक राजेश रंजन को रंगे हाथ दबोच लिया।

बताया जा रहा है कि टीम की कार्रवाई देर रात तक चली। इस दौरान भविष्य निधि कार्यालय के कागजात खंगाले गए। टीम के हाथ क्या लगा यह फिलहाल साफ नहीं हो सका है लेकिन कहा जा रहा है कि कार्यालय से जुड़ी कई गड़बड़ियां पकड़ में आईं हैं। सीएमपीएफ कार्यालय में भ्रष्टाचार को मुद्दा बना कर 24 मार्च को भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया था। इसी के बाद से पूरी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने शुरू हो गए थे। कार्रवाई तब हुई है जब कोल इंडिया के कर्मचारी सीएमपीएफ का करीब सात सौ करोड़ रुपए डूबने का आरोप लगा आंदोलन का रास्ता अपनाया है। यह राशि दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड में जमा कराया गया था।

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