Singrauli-पानी के अभाव में तड़प-तड़प कर मरने लगे मवेशी मुहेर के जल स्त्रोत सूखे, ननि के लक्ष्मी बाई वार्ड क्र.2 मुहेर का हाल.

Singrauli - Cattle started dying in agony due to lack of water, the water sources of Muher dried up, condition of Nani's Laxmi Bai Ward No.2 Muher

Singrauli – Cattle started dying 16 मई। नगर पालिक निगम सिंगरौली Singrauli के लक्ष्मी बाई वार्ड क्र.2 मुहेर इलाके में भीषण पेयजल संकट है। आलम यह है कि पानी के अभाव में दर्जनों की संख्या में मवेशी तड़प-तड़प कर दम तोड़ चुके हैं.Singrauli – Cattle started dying in agony due to lack of water, water sources of Muher dried up, condition of Laxmi Bai Ward No.2 Muher

मुहेर में पानी के विकराल संकट को देख अहिरवार समाज संघ सिंगरौली के महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष रीता वर्मा के अगुवाई में मुख्यमंत्री के नाम सिंगरौली कलेक्टर प्रतिनिधि तहसीलदार को दो सूत्रीय मांग पत्रों का ज्ञापन सौंपते हुए नगर निगम की लचर व्यवस्था का पोल खोल दिया है.

Singrauli-पानी के अभाव में तड़प-तड़प कर मरने लगे मवेशी मुहेर के जल स्त्रोत सूखे, ननि के लक्ष्मी बाई वार्ड क्र.2 मुहेर का हाल.
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दरअसल Singrauli नगर निगम सिंगरौली के वार्ड क्र.2 मुहेर गांव के अरछा गेरूआ एवं बिलारी पाठ में भीषण पेयजल संकट है. बताया जा रहा है कि यहां के सभी जल स्त्रोत कूप, तालाब सब सूख गये हैं. एक-एक बूंद पानी के लिए यहां के हजारों ग्रामीणों को तरसना पड़ रहा है, यहां तक की मवेशियों को भी पानी नसीब न होने से तड़प-तड़प कर मर जा रहे हैं. ज्ञापन में रीता वर्मा ने कहा है कि यहां पानी का विकराल समस्या है.

मवेशियों तक को भी पानी कहीं से दूर-दूर तक नहीं मिल रहा है. एनसीएल निगाही परियोजना के ओबी कंपनी डीबीएल एक सप्ताह में किसी तरह एक दिन पानी पहुंचाता है. ऐसे में तकरीबन डेढ़ हजार आबादी वाले टोले में जलापूर्ति कैसे होती होगी महज इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है फिलहाल Singrauli नगर निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति कराने का जिम्मा ननि को है. लेकिन नगर निगम इस इलाके में जलापूर्ति क्यों नहीं कर रहा है यह बड़ा सवाल है.

मुहेर इलाके में हैवी ब्लास्टिंग से रहवासी भयभीत

रीता वर्मा का आरोप है कि Singrauli एनसीएल निगाही खदान का काम मुहेर बस्ती से 1000 मीटर की दूरी पर चल रहा है जब ब्लास्टिंग होता है तो पूरा घर हिलने लगता है और लगता है कि घर गिर जायेगा उस समय लोगों को घर से बाहर निकलना पड़ता है. कभी भी बड़ा हादसा होता सकता है. ब्लास्टिंग होने पर उसका बारूद जमीन पर दूर तक जाता है जो की गाय, बैल जमीन पर चारा चरते हैं तो बारूद भी खा लेते हैं उससे भी गाय, बैलों की मौत हो रही है.

अत: जब तक Singrauli भूमि अधिग्रहित कर मुआवजा वितरण नहीं किया जाता है तब तक बस्ती से सटे खदान का काम बंद कर दिया जाय जबकि मकानों का नम्बरिंग भी हो चुका है आगे कहा है कि यदि उक्त मांगों पर 24 घण्टे के अंदर विचार कर निराकरण नहीं किया गया तो अहिरवार समाज संघ अनशन करने के लिए मजबूर हो जायेगा.

आधा सैकड़ा से अधिक मवेशियों ने तोड़ा दम

Singrauli मुहेर में जल संकट से आम जन नहीं मवेशी भी जूझ रहे हैं ओबी कंपनी डीबीएल के सहारे किसी तरह सप्ताह में एक दिन पानी नसीब हो रहा है लेकिन सबसे बड़ी समस्या मवेशियों के लिए बनी है यहां के ग्रामीण बताते हैं कि एक माह के दौरान सैकड़ों की संख्या में मवेशी दम तोड़ चुके हैं पानी की आश में मवेशी पूर्व जलाशयों के पास पहुंचते हैं लेकिन तालाबों में एक बूंद भी पानी न होने पर 45 डिग्री टेम्परेचर में तड़प-तड़पकर दम तोड़ दे रहे हैं.

कुछ ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जलघटों पर कई मवेशियों के शव देखे जा सकते हैं वहीं Singrauli जिले में अधिकांश ओबी कंपनी मवेशियों के शव को मिट्टी से पाट दे रहे हैं जहां पर जलापूर्ति की जा रही है वहां की जमीन दलदल होने से मवेशी मिट्टी के दलदल में फसकर दम तोड़कर अनायास काल के गाल में समाज जा रहे हैं.

 

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