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corruption सिंगरौली। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ राजेश गुप्ता द्वारा जिले की 1500 आंगनबाड़ियों के लिए डीएमएफ फंड से खरीदे गए चम्मच, जग और करछुली की जांच होगी। गुरुवार को विभागीय मंत्री निर्मला भूरिया ने प्रमुख सचिव को इस खरीदी की जांच के आदेश जारी किए। समाचार प्रकाशित होने के बाद से डीपीओ ना किसी का फोन उठा रहे और ना ही दफ्तर में बैठ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि डीपीओ राजेश राम गुप्ता भोपाल और दिल्ली में बैठें मंत्रियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार 1500 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए चम्मच कर्चुल और जग की खरीदी के लिए जेम पोर्टल पर निविदा निकाली गई थी। जिसके बर्तन खरीदी में अनियमितता मिलने के बाद विभागीय मंत्री ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में गर्वनमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम पोर्टल) के विशेषज्ञों को भी रखने को कहा हैं, ताकि क्रय प्रक्रिया में हुई अनिमितता सामने आ सके। corruption
छत्तीसगढ़ की जय माता दी ट्रैडर्स से सिंगरौली डीपीओ राजेश गुप्ता ने 4 करोड़ 98 लाख 88 हजार, 33 रुपए की चम्मच, जग और करछी खरीदी है, जबिक इस बजट में 7 आइटम खरीदने की विभाग ने स्वीकृत दी थी। खबर प्रकाशित होने के बाद डीपीओ ना तो दफ्तर में बैठ रहे हैं और ना ही फोन उठा रहे हैं ऐसे में चर्चा है कि वह अब इस मामले को दबाने के लिए भोपाल और दिल्ली में मंत्रियों से मिलने पहुंचे हैं। हालांकि विभागीय मंत्री निर्मला भूरिया ने अतिशीघ्र जांच रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कहा है कि अनियमितता सामने आने पर उत्तरदायित्व तय कर विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही की जाए। corruption
खरीदी में जय माता दी ट्रैडर्स के नवीन सोनी और रीतेश मेहता ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर जिले की सभी आंगनबाड़ियों में सप्लाय होने वाले 7 बर्तनों में कटौती कर मात्र चम्मच, जग और करछी ही सप्लाय की है। ये तीनों ही आइटम वर्क ऑर्डर के अनुसार मनमाने दामों पर खरीदे गए हैं। बताया जा रहा है कि तीनों आइटम महज 1 करोड़ के भी नहीं हैं, लेकिन इन्हें लगभग 5 करोड़ में लिया गया है। सूत्र बताते हैं कि डीपीओ मनमाफिक शर्ते टेंडर में जुड़वाते है और मनमाफिक दामों पर डीएमएफ फंड के टेंडर जारी हुए हैं। बताया जा रहा है कि सरकारी अधिकारियों के आईडी पासवर्ड वेंडरों के पास होते है। corruption
डीपीओ पर खड़े हो रहे कई सवाल
महिलाओं के जीवन में प्रलय और खुशियां लाने वाले डीपीओ पर कई आरोप लगाए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि मप्र जन सम्पर्क / महिला एवं बाल विकास विभाग को दी गयी जानकारी में भिन्नता है? क्या डीपीओ सिंगरौली द्वारा जनसम्पर्क विभाग एवं विभाग मुख्यालय को सही जानकारी दी गयीय या त्रुटिपूर्ण अथवा अधूरी जानकारी दी गयी ? खरीदी प्रक्रिया में अनियमित की गई या नहीं ? महिला बाल विकास विभाग की सूत्रों की माने तो कई ऐसे जैम पोर्टल में निविदा पहले भी जारी हुए हैं जिनकी जांच हो तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। corruption
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