सिंगरौली 4 मार्च। नगर निगम स्वच्छता का काम कर रही सिटाडेल कंपनी के गनियारी में खुले में प्लास्टिक बैग और कचरा फेंक रहा है। पॉलीथिन और कचरा पशुओं के लिए बीमारी तथा मौत की वजह बन रही है। लोग बचे खाने को पॉलिथीन में भरकर घर-घर कचरा संग्रहण करने वाली गाड़ियों में डाल देते हैं। जिसे कचरा गाड़ियां खुले में फेंक दे रहे हैं। जहां जानवर खाद्य पदार्थ के साथ पालीथिन भी खा जाते हैं। ऐसे में अब तक दर्जनों सांड तथा गायों की मौत हो चुकी है।
गौरतलब है कि कल परिषद बैठक शुरू हुई जिसमें कमिश्नर डीके शर्मा, महापौर रानी अग्रवाल सहित एमआईसी सदस्य नहीं पहुंचे तो पार्षदों ने अपना आपा खो दिए। पार्षदों ने कमिश्नर चोर है के नारे लगाते हुए महापौर के लिए निंदा प्रस्ताव लाने की मांग करने लगे। इस दौरान पार्षदो ने कमिश्नर पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। पार्षदों ने कचरा संग्रहण में लगी गाड़ियां और निस्तारण को लेकर कई बार जानकारियां मांगी लेकिन उन्हें जानकारी नहीं दी गई। इससे अब कमिश्नर सहित महापौर पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
वार्ड क्रमांक 39 के पार्षद अनिल बैस ने कहा कि खुले में फेके गए प्लास्टिक और कचरा खाने से मवेशियों में गंभीर बीमारी हो रही है। कई बेजुबान जानवरों ने दम तोड़ दिया है लेकिन जिम्मेदार गूंगे और बहरे हो गए हैं। अधिकारी नगर निगम में नहीं बैठ रहे हैं पार्षद जनहित के कामों को लेकर भटक रहे हैं। कार्यपालन यंत्री बीपी उपाध्याय अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग में लगे हैं। जिन फाइलों में कमीशन मिलता है उन पर रास्ते में या फिर बंगले में दस्तखत हो रहे हैं। स्वच्छता की फाइल महीना पूरा होने के पहले ही अधिकारी तैयार कर देते हैं। ताकि उनका कमीशन समय पर मिल सके। वहीं जहां कमीशन मिलने की गुंजाइश नहीं है उन फाइलों पर स्थल परीक्षण करने के साथ कई बहाने बनाकर टाल दिए जा रहे हैं। अधिकारियों का पब्लिक से जुड़े कामों से कोई सरोकार नहीं है।
पॉलिथिन खाकर दम तोड़ रहे मवेशी
कचरा गाड़ि़यां घरों से कचरा का संग्रहण करते हैं। लोग पालीथिन में खाद्य सामग्री सहित लोहे का सामान बांधकर कचरा गाड़ी में डाल देते हैं। जहां कचरा गाड़ियां गनियारी के खुले स्थानों में कचरे के ढेर में डाल देते हैं। भूखे मवेशी खाने की तलाश में कचरा यार्ड पर पहुंच जाते हैं। पशु खराब फलों और सब्जियों को खाने के साथ में पालीथिन और लोहे का सामान खा लेते हैं। यह सामान पचाया नहीं जा सकता इस कारण उनके पेट में ही जमा हो जाता है। इससे पशु धीर-धीरे बीमार होने लगते हैं और दम तोड़ देते हैं।
जिम्मेदारों पर आपराधिक मामला हो दर्ज
खाने को तो नगर निगम क्षेत्र में सिंगल यूजर प्लास्टिक प्रतिबंधित है। लेकिन गनियारी क्षेत्र में कई टन फैली प्लास्टिक देख कर अधिकारियों के दावों की पोल खोल दी है। वहीं कचरे के ढ़ेर में पॉलीथिन और नुकीली चीजें खाकर बेजुबान जानवरों की लगातार मौत हो रही है। लेकिन जिम्मेदारों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही। वही बेजुबान जानवरों की लगातार मौत होने पर अब आमजन जिम्मेदारों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग करने लगे हैं।
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