सिंगरौली। नगर निगम में सीवरेज नल जल योजना और घर-घर कचरा संग्रहण और निस्तारण सहित हो रहे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार को लेकर पार्षद धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज किए थे। पार्षदों के नगर निगम क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी और अधिकारियों के भ्रष्टाचार के आरोप तब सिद्ध हो गए जब कुछ घंटे की बारिश से सीवरेज धसी और कई गाड़ियां एक के बाद एक फस गई। इस घटना ने नगर निगम कमिश्नर और अधिकारियों की ईमानदारी की पोल खोल दी।
नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डो में सीवरेज लाइन का काम शुरू है। मुख्य मार्ग बैढ़न – विंध्यनगर, पचखोरा, बिलौजी सहित कई वार्डों में काम चल रहा है। सीवरेज लाइन डालने से सड़क की हालत खस्ता हो चुकी है। वहीं कई सड़क पर कुछ महीने पहले ही सीवरेज डाली गई थी। इसके बाद सीवरेज को ढकने के लिए थोड़ी -थोड़ी मिट्टी डाल कर पीसीसी कर दी थी। जहां कुछ घंटे की बरसात से मिट्टी धंसनी शुरू हो गई है।
बैढ़न विंध्यनगर मुख्य मार्ग में मिट्टी धंसने से एक के बाद एक कई गाड़ियां फंस गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसे विकास कहें या फिर विनाश, क्योंकि सीवरेज लाइन डालने से पहले यह रोड ठीक थी। मगर सीवरेज लाइन डालने के बाद अब इस सड़क की हालत खस्ता हो चुकी है। इससे लोग परेशान हो चुके हैं। शनिवार को सुबह-सुबह ही मुख्य रोड पर धंस गए जिन्हें निकालने के लिए ट्रक मालिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रक ड्राइवर ने बताया कि वह सुबह जैसे ही बैढ़न विन्ध्यनगर पेट्रोल पंप के पास पहुंचा तो मेरा ट्रक जमीन धसने से फस गया था। जब मैंने नीचे उतरकर देखा तो सीवरेज की लाइन में डाली गई मिट्टी धंसने से उसका ट्रक फंस गया है। इसको निकालने के लिए उसे जेसीबी मशीन का सहारा लेना पड़ा। इसका खर्च अलग से करना पड़ा।
इसके इलावा कुछ ही दूरी पर एक ओर आरो का पानी ले जाने वाला पिकअप वाहन फंसा हुआ था। जिसे निकालने के लिए ड्राइवर साधन की तलाश में वहां से गायब था। धरना प्रदर्शन में पार्षदों ने आरोप लगाया था कि सीवरेज निर्माण कार्य में नगर निगम का कोई टेक्निकल अधिकारी नहीं रहते ऐसे में ठेकेदार न केवल मनमानी करता बल्कि सिवर लाइन के कामों से निकली मिट्टी और अन्य मटेरियल को ट्रैक्टरों से बेच रहा है।
इनका कहना है

सीवरेज लाइन के कम गुणवत्ता विहीन हो रहे हैं, सभी पार्षदों ने धरना प्रदर्शन कर जांच की मांग की है, हमें आरोप लगाए 24 घंटे भी नहीं हुए लेकिन बारिश ने नगर निगम के भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। पूरे काम की जांच हो जाए तो कई अधिकारी जेल चले जाएंगे।
अनिल कुमार वैश्य, वार्ड 36 पार्षद एवं अपीलीय समिति सदस्य
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