MP News सिंगरौली। कचरें से नालियां और खाली पड़े प्लाट पटे हुए हैं। करोड़ों खर्च करने के बाद भी कचरें से नालियों का दम घुट रहा है। केन्द्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण टीम के आने वाली है। इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारी साफ-सफाई को लेकर कितने गंभीर हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें शहर में हो रहे स्वच्छता सर्वेक्षण की कोई जानकारी ही नही है। जिसके चलते शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
वही नगर निगम के वार्ड क्रमांक 2 और वार्ड क्र. 6 में करीब 300 घरों में आज भी शौचालय नही बना है, लेकिन नगर निगम ओडिएफ घोषित कर दिया है। जब अधिकारियों से सर्वेक्षण टीम के निरीक्षण के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी ही नही है। हालात भी अधिकारियों की बातों पर मुहर लगा रहे हैं। अगर केंद्रीय सर्वेक्षण टीम आने की जानकारी होती तो वे शहर में लगे कूड़े के ढेरों को साफ करवा देते। Singrauli News
हालांकि दावा किया जा रहा है कि तीन सदस्यीय सर्वेक्षण टीम जिले में पहुंच चुकी है और एक निजी होटल में रुक कर स्वच्छता सर्वेक्षण कर रही है। नगर निगम में जमीन स्तर पर साफ-सफाई नही की है और ना ही कचरें का निस्तारण किया गया है। साथ सर्वेक्षण टीम को उन्ही स्थानों पर ले जाया जाएगा। जहां हाल ही में साफ -सफाई कराई गई है या फिर एनटीपीसी के वार्डो में घुमाया जाएगा। सूत्रों की माने तो सर्वेक्षण टीम को ननि के अधिकारी और सिटाडेल प्रबंधन मैनेज करने में जुटा है। निगम अधिकारी अपने लोगों से ही फीडबैक दिलवाने की तैयारी में है। Singrauli News
मुहेर में सैकड़ों घरों में नही बना है शौचालय
नगर निगम को प्रशासन ने कागजों पर खुले में शौच से मुक्ति दिया है। हकीकत गांव के लोग सुबह डिब्बा लेकर शौच के लिए खुले मैदानों में आसानी से देखने को मिल जाते हैं। वार्ड क्रमांक 2 मुहेर में आज भी सैकड़ों घर ऐसे हैं। जहां शौचालय नही बना है। जबकि कई आधे-अधूरे बने शौचालय कहानी खुद बया कर रहे हैं। किसी-किसी शौचालय में तो दरवाजा लगा ही नही है और जिन शौचालयों में दरवाजा लगा भी है तो वहा के गड्ढें खोदकर छोड़ दिया गया हैं। सरकारी दावे झूठे साबित हुए। बार-बार शौचालय बनाने के लिए पार्षद सहित अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा जाता हैं। परंतु कोई सुनवाई नही हो रही। Singrauli News
कचरें और पॉलिथीन से आमजन का घुट रहा दम
नगर निगम में कचरें और पॉलिथीन से नालियों सहित आमजन का दम घुट रहा है। शहर के सभी नालियां कचरें से पटी है। जिनकी सफाई करने पर करोड़ों रुपए खर्च होने के अनुमान है। प्रतिबंध के बावजूद शहर में खुलेआम पॉलीथीन का उपयोग और बिक्री किया जा रहा है। सब्जी, फल, किराना सामान, मांस-मछली से लेकर मेडिकल की दुकानों तक में अमानक पॉलीथीन ग्राहकों को दिए जा रहे हैं। पॉलीथीन पर रोक के प्रति प्रशासन की उदासीनता शहरवासियों के लिए आने वाले बरसात में सिरदर्द साबित हो सकता है। Singrauli News
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