सिंगरौली। नगर पालिका निगम सिंगरौली में आज दिन मंगलवार को परिषद की बैठक परिषद अध्यक्ष देवेश पांडे की अध्यक्षता में प्रारंभ हुई, महज आधे घंटे में ही परिषद अध्यक्ष को 4 अप्रैल तक के लिए परिषद की बैठक को स्थगित करना पड़ा। क्योंकि पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया कि जब कमिश्नर ही नहीं है तो बजट पर चर्चा नहीं होगी।
कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों ने महापौर को घेरते हुए कहा कि क्या सत्यम मिश्रा को फांसी पर लटका दोगे। महापौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्षदों ने कहा कि जब से महापौर चुनाव जीत कर आई हैं तब से अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ काम किया है। अधिकारों से बाहर जाकर कर्मचारियों को हटाने की पूरी कोशिश में दिन-रात लगी रहती है। वहीं डिप्टी कमिश्नर आरपी बैस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए।
परिषद की बैठक जैसे ही परिषद अध्यक्ष ने बजट को लेकर चर्चा करने की बात कही तो पार्षदों ने कहा कि पहले बजट पर चर्चा नहीं होगी। पार्षद अखिलेश सिंह और सीमा जयसवाल ने कहा कि सबसे पहले महापौर और निगम के अधिकारी यह बताएं कि कार्यपालन यंत्री बीपी उपाध्याय के बंगले से 29 मार्च को ही वाहन चालक और अन्य कर्मचारियों को क्यों हटा दिया गया।
पार्षदों ने कहा कि अभी तक किसी भी अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार नगर निगम के द्वारा नहीं किया गया लेकिन कमिश्नर और महापौर के द्वारा अपने ही अधिकारियों कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। जो अधिकारी कर्मचारी रिटायर होते हैं उनका सम्मान से कार्यालय बुलाया जाता है और सम्मानपूर्वक विदाई की जाती है किसी से अभद्र व्यवहार नहीं किया जाता। लेकिन अब नगर निगम में मनमानी महापौर के द्वारा की जा रही है।
पार्षद अखिलेश सिंह ने कहा सत्यम मिश्रा के साथ महापौर षड्यंत्र रच रही है। महापौर राज्य सरकार को भेजने , कुर्सी छिनने और फांसी पर लटकाने का प्रस्ताव तैयार करती है किसी अधिकारी कर्मचारी को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा। पार्षद ने कहा कि महापौर का अधिकांश समय अधिकारियों को परेशान करने में बीत रहा है। वही बजट को लेकर जब अध्यक्ष ने चर्चा करने की बात कही तो पार्षदों ने कहा कि जब कमिश्नर नहीं है तो बजट पर चर्चा कैसे होगी। कौन ऐसा सक्षम अधिकारी है जो पार्षदों के सवालों का जवाब देगा। पार्षदों के हंगामे के चलते परिषद अध्यक्ष देवेश पांडे ने 4 अप्रैल तक के लिए परिषद की बैठक को स्थगित कर दिया।
मनमानी तरीके से बनाया गया बजट
पार्षद अखिलेश सिंह, सीमा जयसवाल, बंतौ कौर, शत्रुघ्न लाल शाह और परमेश्वर पटेल ने महापौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महापौर नगर निगम में विसंगत पैदा कर रही है। पार्षदों ने कहा कि बजट इस बार कम क्यों हुआ, बजट संतोषजनक नहीं है। 200 करोड़ का बजट हो रहा है और 137 करोड़ का बजट कम हुआ है एमआईसी के मंत्री को जानकारी नहीं है फिर भी गलत जवाब दे रहे हैं। यह बजट नियम संगत नहीं है। बजट कौन तैयार करते हैं आयुक्त करते हैं मनमानी तरीके से बजट बनाया जाता है।महापौर का बजट मैं मनमानी चल रही है। अखिलेश सिंह ने कहा कि आयुक्त से बजट को लेकर सवाल जवाब करने को मैं तैयार हूं लेकिन विसंगत का बजट नहीं चाहिए।
परिषद सचिव विचलित न हो
बजट को लेकर जब पार्षदों ने महापौर को घेरा और जवाब मांगा गया तो लेखाधिकारी सत्यम मिश्रा ने परिषद को बताया कि नियम है कि आयुक्त बजट तैयार कराये फिर एमआईसी मैं भेजा जाएगा। लेकिन जो बजट तैयार किया गया उस बजट को एमआईसी द्वारा परिवर्तन किया गया। साथ ही एमआईसी का हस्ताक्षर भी नहीं था। पार्षदों ने कहा ऐसे में बजट पर क्या बात होगी। जहां परिषद सचिव के द्वारा गलत जानकारी पार्षदों को दी जा रही थी तो अखिलेश सिंह ने कहा कि परिषद सचिव आप विचलित न हो। आधे घंटे में ही परिषद स्थगित हो गई लेकिन महापौर को लेकर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया।
More Stories
अल्युमिनियम प्लांट के CHP में जंगल का मेहमान, CCTV में कैद हुई तेंदुआ का मूवमेंट, फैक्ट्री अलर्ट
मोबाइल भी बंद, सुराग नहीं… चितरंगी से रहस्यमई ढंग से युवती लापता, तलाश में जुटी पुलिस
यात्रीगण ज़रा ध्यान दें: कोयला ट्रेलर ने दंपती को कुचला,NH-39 जाम