आलेख – श्रीकांत द्विवेदी
सिंगरौली। जिले के जन शिक्षा केंद्र सरई अंतर्गत कई शासकीय प्राथमिक विद्यालयों की हालत काफी नाजुक है जो कभी भी धराशाई हो सकते हैं। मिली जानकारी के मुताबिक प्लाट टोला उफरा टोला बोदरा टोला मझियान टोला खाड़ी टोला आदि विद्यालयों के भवन जीर्ण-शीर्ण हैं। जहां बच्चों को बैठाना खतरे से खाली नहीं है।
शासकीय प्राथमिक शाला प्लाट टोला की हालत कुछ ज्यादा ही खराब है। जहां के बच्चे अपने आपको निराश्रित समझ रहे हैं। जिनका मदद करने वाला कोई नहीं दिखाई दे रहा है। वैसे भी सरई क्षेत्र में बीते कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल पड़ रहा है। वैसे भी शासकीय विद्यालयों के भवन की जर्जर हालत भाजपा सरकार की नाकामी साबित कर रही है। एवं वहां पढ़ने बच्चे उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं।
विकासखंड मुख्यालय देवसर के सरई क्षेत्र में प्राथमिक शाला- उफराडोल, प्लाट टोला, बोदराटोला मझियानटोला आदि में एक भी अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध नहीं हैं। जहां के बच्चों को खुले आसमान का ही सहारा लेना पड़ता है। काबिले गौर करने की बात है कि शासन- प्रशासन इन छोटे-छोटे विद्यालयों की ओर ध्यान नहीं देती है। क्या इन विद्यालयों की सतत् निगरानी व मानिटरिंग नहीं होती?इसतरह से इन विद्यालयों के होनहारों को किसी प्रकार की कोई सुविधाएं नहीं सुलभ हो पा रही हैं। जिनके सिर पर छत भी नहीं है।
जनपद शिक्षा केंद्र देवसर के अधीनस्थ जन शिक्षा केंद्र सरई के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला प्लाट टोला की दूरी मुख्यालय से महज 500 मीटर है। जिसकी भवन की हालत काफी जर्जर होने की जानकारी मिली है जिसकी पुष्टि के लिए प्लाट टोला के प्रधानाध्यापक शाला प्रभारी दीपा मिश्रा से फोन पर बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। जो यह साबित करती है कि प्लाट टोला के प्रभारी विद्यालयीन बच्चों के सुरक्षा ,सुविधा से कोई सरोकार नहीं रखते हैं।
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