|
Breaking News
मीडिया बैन के पीछे छिपी सच्चाई बेनकाब! SDM के छापे में खुली स्कूलों की पोल, डीईओ की व्यवस्था पर बड़े सवाल300 मीटर में बारूद का खेल! जयंत परियोजना में ‘चड्डा’ कंपनी की ब्लास्टिंग से दहशत, नियमों की उड़ रही धज्जियांTransfer controversy : “थाने खाली, सवाल ‘फ़ालतू’! सिंगरौली पुलिस पर बड़ा सवाल-लाइन में अफसर फिर भी तैनाती क्यों नहीं ?”DGP के आदेश को चुनौती: सिंगरौली के एसआई तबादला रुकवाने में जुटे, सिफारिश और पैसों से पलटने की तैयारीAnganbadi Controversy : आंगनवाड़ी में ‘आपत्तिजनक बोर्ड’ का खेल! चितरंगी में WCD की निगरानी फेल ?करोड़ों खर्च के बावजूद गंदगी कायम, पचखोरा में बदहाल सड़कें और सड़ता कचरा से लोग परेशान2 साल से बंद आंगनबाड़ी, अब नोटिस जारी—बच्चों के हक पर विभाग की नींद टूटी!मजदूरी घोटाला फूटा: चेकडैम में पसीना बहाया, भुगतान को तरसे 100 से ज़्यादा मजदूरमीडिया बैन के पीछे छिपी सच्चाई बेनकाब! SDM के छापे में खुली स्कूलों की पोल, डीईओ की व्यवस्था पर बड़े सवाल300 मीटर में बारूद का खेल! जयंत परियोजना में ‘चड्डा’ कंपनी की ब्लास्टिंग से दहशत, नियमों की उड़ रही धज्जियांTransfer controversy : “थाने खाली, सवाल ‘फ़ालतू’! सिंगरौली पुलिस पर बड़ा सवाल-लाइन में अफसर फिर भी तैनाती क्यों नहीं ?”DGP के आदेश को चुनौती: सिंगरौली के एसआई तबादला रुकवाने में जुटे, सिफारिश और पैसों से पलटने की तैयारीAnganbadi Controversy : आंगनवाड़ी में ‘आपत्तिजनक बोर्ड’ का खेल! चितरंगी में WCD की निगरानी फेल ?करोड़ों खर्च के बावजूद गंदगी कायम, पचखोरा में बदहाल सड़कें और सड़ता कचरा से लोग परेशान2 साल से बंद आंगनबाड़ी, अब नोटिस जारी—बच्चों के हक पर विभाग की नींद टूटी!मजदूरी घोटाला फूटा: चेकडैम में पसीना बहाया, भुगतान को तरसे 100 से ज़्यादा मजदूर

Sidhi News : लोकायुक्त की कार्रवाई,मुआवजा जारी करने के बदले रिश्वत लेते भूपेंद्र पांडे रंगे हाथ गिरफ्तार


सीधी जिला में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रीवा लोकायुक्त की टीम ने भू-अर्जन कार्यालय में पदस्थ सहायक अधीक्षक भूपेंद्र पांडे को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गुरुवार को हुई इस कार्रवाई से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।

लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, एनएच-39 फोर लेन सड़क निर्माण परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के मुआवजा भुगतान के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी भूमि अधिग्रहण के एवज में लगभग 27 लाख रुपये का मुआवजा स्वीकृत हुआ था, लेकिन राशि जारी करने के लिए आरोपी अधिकारी द्वारा भारी रकम की मांग की जा रही थी। कथित तौर पर बातचीत के बाद 13 लाख 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग तय हुई।

शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता ने पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये नकद दिए। इसी दौरान पहले से मौके पर मौजूद लोकायुक्त टीम ने आरोपी अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए सर्किट हाउस ले जाया गया, जहां पूछताछ और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी पूर्व में भी विवादों में रह चुके हैं और वर्ष 2019 में उनके ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की जा चुकी है, जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ताजा कार्रवाई के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

लोकायुक्त अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की रिश्वत मांग या भ्रष्टाचार की सूचना तुरंत संबंधित एजेंसी को दें, ताकि ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

शेयर करें

क्या आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम हटाना चाहिए?

लेटेस्ट खबरें

संबंधित समाचार