सिंगरौली : जिले के चितरंगी विकासखंड में महिला एवं बाल विकास विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। यहां आंगनबाड़ी केंद्र नौडिहवा क्रमांक-2 पिछले करीब दो वर्षों से बंद पड़ा है, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक केंद्र बंद रहने के बाद अब जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस जारी किया गया है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
11 जुलाई 2026 को जारी नोटिस में कार्यकर्ता श्रीमती शशि चौबे पर योजनाओं में शून्य प्रगति का आरोप लगाया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना, आयुष्मान भारत, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं का पंजीयन जैसी कई योजनाओं में कोई काम नहीं होने की बात सामने आई है। साथ ही सेक्टर पर्यवेक्षक के कॉल का जवाब न देने और योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही की बात भी कही गई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब केंद्र दो वर्षों से बंद था, तो नियमित निरीक्षण और समीक्षा बैठकों में यह मामला सामने क्यों नहीं आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र बंद रहने से बच्चों को पोषण आहार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल सका, जिससे सरकार की योजनाएं धरातल पर फेल होती नजर आ रही हैं।
अब विभाग ने कमेटी गठित कर कार्रवाई की बात कही है, लेकिन दो साल बाद जागी यह कार्रवाई सिस्टम की बड़ी चूक को उजागर करती है। सवाल अब भी कायम है—आखिर जिम्मेदारों पर कब होगी सख्त कार्रवाई?