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53 गांव और सिर्फ 5 पुलिसकर्मी! बगदरा चौकी में सुरक्षा राम भरोसे, कभी भी लग सकता है ताला ?


130 किमी दूर स्थित चौकी में 1 एएसआई, 1 चौकी प्रभारी और 3 आरक्षकों के भरोसे कानून-व्यवस्था; एक साथ कई घटनाएं होने पर चौकी में लगाना पड़ता है ताला

सिंगरौली। जिले के सबसे दूरस्थ पुलिस क्षेत्रों में शामिल गढ़वा थाना अंतर्गत बगदरा पुलिस चौकी इन दिनों गंभीर स्टाफ संकट से जूझ रही है। चौकी के जिम्मे 53 गांवों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी है, लेकिन यहां केवल एक चौकी प्रभारी, एक एएसआई और तीन आरक्षक ही पदस्थ हैं। यानी महज पांच पुलिसकर्मियों के भरोसे पूरा क्षेत्र संचालित हो रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने बड़े क्षेत्र की सुरक्षा इतनी कम संख्या में तैनात पुलिस बल कैसे सुनिश्चित करेगा?

जिला मुख्यालय बैढ़न से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित बगदरा चौकी का क्षेत्र भौगोलिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। दूर-दराज के गांव, लंबी दूरी, खराब संपर्क मार्ग और लगातार मिलने वाली शिकायतें पुलिसकर्मियों की मुश्किलें और बढ़ा देती हैं। सूत्रों की मानें तो चौकी में वर्षों से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यदि क्षेत्र में एक साथ दो या तीन घटनाओं की सूचना मिल जाए तो चौकी का पूरा स्टाफ मौके के लिए रवाना हो जाता है। ऐसी स्थिति में चौकी में ताला लगाकर जांच करने जाना मजबूरी बन जाती है। इस दौरान यदि कोई फरियादी शिकायत लेकर पहुंच जाए तो उसे पुलिसकर्मियों के लौटने का इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार लोगों को बिना शिकायत दर्ज कराए वापस लौटना पड़ता है।

बगदरा चौकी के जिम्मे केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि नियमित गश्त, न्यायालयीन कार्यवाही, वारंट तामील, वीआईपी ड्यूटी, त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी हैं। सीमित स्टाफ होने के कारण पुलिसकर्मियों को लगातार अतिरिक्त समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। इससे न केवल कार्य का दबाव बढ़ रहा है, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी चुनौती बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या को लेकर उदासीन बने हुए हैं। बताया जाता है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बगदरा चौकी का नियमित निरीक्षण भी नहीं किया जाता। न तो यहां तैनात पुलिसकर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाता है और न ही स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाए जाते हैं। इससे पुलिसकर्मियों में भी निराशा का माहौल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील और विस्तृत क्षेत्र वाली चौकी में पर्याप्त पुलिस बल का होना बेहद जरूरी है। यदि किसी आपराधिक घटना, सामूहिक विवाद या आपदा जैसी स्थिति में एक साथ कई गांवों में पुलिस की जरूरत पड़ जाए, तो वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह असहाय साबित हो सकती है। इसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि बगदरा चौकी में तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जानी चाहिए। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर जमीनी हकीकत समझनी चाहिए। आखिर 53 गांवों की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे इन पांच पुलिसकर्मियों की कठिनाइयों को कब समझा जाएगा और उनकी वर्षों पुरानी मांग पर कब अमल होगा, यह सवाल आज भी जवाब का इंतजार कर रहा है।

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सिंगरौली जिले को कौन चला रहा

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