वार्ड 42 और 30 पचखोरा के रहवासी तीन महीने से परेशान, स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक रोजाना उठानी पड़ रही परेशानी
सिंगरौली : नगर निगम की सड़क सुधार वाली प्राथमिकता सूची में शायद मंत्री के घर तक जाने वाला रास्ता भी व्हीआईपी नहीं है। तभी तो पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री राधा सिंह के बैढ़न निवास तक पहुंचने वाली सड़क बारिश में अपनी बदहाली का ऐसा प्रदर्शन कर रही है, जिसे देखकर विकास के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है। नगर निगम के प्रमुख वार्डों में शामिल वार्ड 42 बिलौजी और वार्ड 30 पचखोरा में सड़क पर पानी जमा है, जगह-जगह गड्ढे हैं और इन गड्ढों में छिपा खतरा हर राहगीर के सामने है।
बता दें कि मंत्री का इसी रास्ते से आना-जाना है। उनकी गाड़ी के लिए सड़क के गड्ढे शायद महज हिचकोले हों, लेकिन आम लोगों के लिए यही हिचकोले कभी भी हादसे में बदल सकते हैं। पानी भरे गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं देती, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा खतरा है। पिछले दो दिनों से हुई बारिश ने सड़क की हालत और खराब कर दी है। जगह-जगह जलभराव के कारण राहगीरों को सड़क का सुरक्षित हिस्सा तलाशकर निकलना पड़ रहा है।
स्कूली बच्चे, महिलाएं, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और बाजार जाने वाले लोग रोज इसी परेशानी से गुजर रहे हैं। बुजुर्गों के लिए तो यह रास्ता और भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय रहवासियों के मुताबिक सड़क पर गड्ढों की समस्या लंबे समय से है। बारिश ने सिर्फ इन गड्ढों को पानी से भरकर उनका आकार छिपा दिया है। अब स्थिति यह है कि वाहन चालक सड़क पर आगे बढ़ने से पहले कई बार सोचते हैं।
नगर निगम के प्रमुख वार्ड में आने वाली यह सड़क और उस पर मंत्री के निवास का रास्ता होने के बावजूद सुधार कार्य प्राथमिकता में क्यों नहीं आया, यह सवाल अब रहवासियों के बीच चर्चा का विषय है। लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत हादसा होने के बाद नहीं, उससे पहले होनी चाहिए। फिलहाल बारिश जारी है और सड़क पर पानी भी। ऐसे में रहवासी यही उम्मीद कर रहे हैं कि नगर निगम की नजर किसी फाइल पर नहीं, सड़क पर पड़े इन गड्ढों पर पड़ेगी।
मंत्री के रसूख पर भारी कमिश्नर की बेरुखी?
मंत्री राधा सिंह के बैढ़न निवास तक पहुंचने वाली सड़क की बदहाली ने नगर निगम की प्राथमिकताओं पर चर्चा छेड़ दी है। जिस मार्ग से प्रदेश सरकार की मंत्री का आवागमन होता है, वही बारिश में पानी और गड्ढों से जूझ रहा है। ऐसे में सवाल यह नहीं कि सड़क पर गड्ढे क्यों हैं, बल्कि यह है कि मंत्री का राजनीतिक रसूख भी इस सड़क को नगर निगम की प्राथमिकता नहीं दिला पा रहा है?
निगम की कमिश्नर की प्रशासनिक पहुंच और प्रभाव को लेकर भी शहर में चर्चाएं हैं। बावजूद इसके सड़क की यह स्थिति बताती है कि यहां व्हीआईपी आवागमन भी शायद प्राथमिकता तय करने के लिए पर्याप्त नहीं। अब देखना यह है कि सड़क पहले सुधरती है या प्राथमिकताओं की तस्वीर बदलती है।